इंटरनेट डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद के कारण आई एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच अब उज्ज्वला योजना में नया नियम लागू हो गया है। योजना के लाखों लाभार्थियों के लिए ये नियम जानना जरूरी है। नया नियम ये है कि उज्ज्वला योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को हर सात रिफिल के बाद आधार से बायोमेट्रिक वैरिफिकेशन करवाना होगा। ऐसा नहीं होने पर सब्सिडी रुक जाएगी।
मृत लोगों के नाम पर चल रहे कनेक्शन, डुप्लीकेट लाभार्थी और फर्जी डेटा को लेकर केन्द्र सरकार ने ये नया नियम लागू किया है। इससे राजस्थान के 73 लाख से ज्यादा उज्ज्वला उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा। खबरों के अनुसार, जो लाभार्थी 30 जून तक केवाईसी नहीं करवाएंगे उन्हें सब्सिडी के लाभ से वंचित होना पड़ेगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को इस संबंध में निर्देश जारी किया है।
मंत्रालय के निर्देश के तहत जिन उपभोक्ताओं ने गैस कनेक्शन लेने के बाद अब तक एक बार भी बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन नहीं कराया है, उन्हें 30 जून 2026 तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी रोक दी जाएगी।
इन पर लागू होगा नियम
केन्द्र सरकार की ओर से ये नियम डीबीटीएल-पहल और उज्ज्वला योजना दोनों के लाभार्थियों पर लागू किया है। सरकार की ओर से पहले 25 सितंबर 2025 को जारी आदेश में किया गया था कि उज्ज्वला योजना के वे लाभार्थी जो एक वित्तीय वर्ष में 7 से अधिक सिलेंडर लेते हैं, उन्हें 8वें और 9वें सिलेंडर पर सब्सिडी तभी मिलेगी जब उन्होंने उसी वित्तीय वर्ष में बायोमेट्रिक आधार सत्यापन कराया हो।
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