इंटरनेट डेस्क। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण के दौरान विवादित बात बोली है। उन्होंने ये बात उस समय कही जब उनके मंच पर आने पर 75 देशों के प्रतिनिधि हूटिंग करके उनका विरोध करने लगे और बाहर जाने लगे। लगभग सभी इस्लामिक देशों के प्रतिनिधि हॉल छोड़कर चले गए, लेकिन यूएई की प्रतिनिधि मौजूद रहीं। इस पर नेतन्याहू ने करीब 3 मिनट तक शांत रहने के बाद कहा कि भाषण शुरू करने से पहले मैं कहना चाहता हूं कि अगर यहां कोई और कायर है तो बाहर चला जाए।
खबरों के अनुसार, नेतन्याहू ने अपने भाषण में गाजा, ईरान, लेबनान पर इजराइली कार्रवाई का जिक्र करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ। दूसरी ओर न्यूयॉर्क मेयर ममदानी और यूरोप के नेताओं की आलोचना की। अपने भाषण के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 के हमले का जिक्र करते हुए इजराइल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने बोल दिया कि हमास के आतंकियों ने प्रकार से इजराइलियों को मारा, वह बेहद भयावह था। ऐसी भयावहता की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
दुश्मनों को लगा था कि इजराइल टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ
नेतन्याहू ने इस संबंध में आगे कहा कि दुश्मनों को लगा था कि इजराइल टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हम उठे और शेरों की तरह लड़े। उन्होंने गाजा में इजराइल पर नरसंहार करने के आरोप को खारिज करते हुए इसे 21वीं सदी का सबसे बड़ा झूठ करार दिया। उन्होंने कहा कि इजराइल ने नरसंहार नहीं किया। इजराइल ने नरसंहार को रोका। अगर हमास के समर्थकों को मौका मिलता तो वे हर यहूदी को मार देते।
PC: aajtak
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