इंटरनेट डेस्क। तिब्बत में गुरुवार रात आए 7 तीव्रता ने भूकंप ने तबाही मचाई है। भूकंप के झटकों से तिब्बत में जान और माल का काफी नुकसान हुआ है। अब तक इस भूंकप के कारण कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 32 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से 11 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
खबरों के अनुसार, ये भूकंप भारतीय समयानुसार गुरुवार रात 8:03 बजे आया। इसका केंद्र तिब्बत की राजधानी ल्हासा से करीब 400 किमी दूर तिब्बत के नागकू क्षेत्र में जमीन से 10 किमी की गहराई में बताया जा रहा है। चीन के भूकंप नेटवर्क केंद्र (सीईएनसी) के अनुसार, भूकंप के झटके स्थानीय इलाके में साफ महसूस किए गए। दूसरी ओर पड़ोस देश पाकिस्तान में 4.9 और अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता के भूकंप के झटके लगे हैं।
इस कारण तिब्बत में आता है ज्यादा भूकंप
आपको बता दें कि तिब्बत में पहले भी भूकंप तबाही मचा चुका है। यहा विश्व के उन इलाकों में शामिल है, जहां भूकंप आने का खतरा ज्यादा रहता है। यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराने से हिमालय पर्वत बना है, लेकिन इसी कारणा यहां भूकंप आना आम बात है।
वर्ष जनवरी में हुई थी करीब 400 लोगों की मौत
गौरतलब है कि इससे गत वर्ष जनवरी में तिब्बत के तिंगरी काउंटी में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप के कारण करीब 400 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। वहीं नेपाल में 13 लोगों की मौत हुई थी। इसके झटके उत्तर भारत समेत दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में महसूस हुए थे। वहीं 2010 में चीनी प्रांत छिंगहाई के युशू में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 2,698 लोगों की मौत हुई थी और करीब 300 लोग लापता हो गए थे।
PC: zeenews.india
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें







