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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलात ने नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद आए फैसला पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस संबंध में आज सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात ही है। गहलोत ने इस फैसले को बेहद चिंताजनक बताया है।
अशोक गहलोत ने इस संबंध में आज एक्स के माध्यम से कहा कि नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद आया फैसला बेहद चिंताजनक है। 2015 में जमीन विवाद में 5 दलितों समेत 6 लोगों की निर्मम हत्या हुई थी, और अब एससी-एसटी विशेष अदालत ने सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। पीड़ित परिवारों का सवाल जायज है, अगर 40 आरोपी बरी हो गए तो इन 6 लोगों की हत्या आखिर किसने की?
दलित समाज के साथ हुए इस अन्याय में जवाबदेही तय होनी चाहिए
गहलोत ने कहा कि 11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई, सीबीआई जांच और ट्रायल के बावजूद इंसाफ न मिलना जांच और अभियोजन की गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है। भाजपा सरकार के शासन में 11 साल पहले ऐसी घटना होना और अब उन्हीं के शासन में प्रतिकूल फैसला आना दिखाता है कि भाजपा न्याय के पक्ष में नहीं है। दलित समाज के साथ हुए इस अन्याय में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कांग्रेस हमेशा दलित समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए खड़ी रही है
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस हमेशा दलित समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए खड़ी रही है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की प्रक्रिया मजबूती से आगे बढ़नी चाहिए, राज्य सरकार को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
PC:abplive
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