Parmarth TV
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अब गाय और अरावली को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आज एक्स के माध्यम से कहा कि बड़े शर्म की बात है कि प्रदेश में बीजेपी की ऐसी सरकार का कार्यकाल चल रहा है जिसके शासन में जनता ही नहीं, बल्कि गौमाता भी लाचार है।
आए दिन अखबार की सुर्खियां सरकार की अकर्मण्यता को चीख-चीख कर बयां कर रही है। जो सरकार गाय माता के संरक्षण के नाम पर वोट की राजनीति करती आई है, आज उसी के शासन में प्रदेश के 18 लाख गौवंश चारे के लिए तरस रहे हैं। भाजपा सरकार ने प्रदेश की 4523 गोशालाओं को पिछले 10 महीने से 900 करोड़ रुपए का अनुदान नहीं दिया। उधारी और भामाशाहों के सहयोग से गौवंश के चारे की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में गौशालाओं की ये स्थिति न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि सरकार के गौवंश को लेकर झूठी संवेदना की पोल खोल रही है।
भाजपा सरकार और खनन माफियाओं की मिलीभगत ही अरावली के अस्तित्व पर हमला कर रही है
वहीं डोटासरा ने एक अन्य पोस्ट के माध्यम से कहा कि पूरा देश जानता है कि राजस्थान में भाजपा सरकार में अवैध खनन का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। सत्ता के संरक्षण में माफिया बेरोक-टोक अरावली को छलनी कर रहे हैं। खुद सरकार के मंत्री भी कई बार प्रदेश में हो रहे अवैध खनन की बात स्वीकार कर चुके हैं। ऐसे में आखिर क्या कारण है कि अरावली की परिभाषा से जुड़ी कमेटी रिपोर्ट देने में देरी कर रही है? क्या कमेटी पर किसी तरह का दबाव है? अरावली की परिभाषा तय करने के लिए बनाई गई हाई पावर्ड कमेटी को हर हाल में 30 नवंबर तक रिपोर्ट देनी है, लेकिन कमेटी के द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में 6 माह की समय सीमा बढ़ाने की दलील देना समझ से परे है। ऐसे अब सब स्पष्ट होता जा रहा है कि प्रदेश की प्राकृतिक संपदा की लूट के लिए भाजपा सरकार और खनन माफियाओं की मिलीभगत ही अरावली के अस्तित्व पर हमला कर रही है।
PC: rajasthan.ndtv
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