इंटरनेट डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंज और ईरान, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र के राष्ट्रपतियों सहित कई प्रमुख वैश्विक नेता हिस्सा ले रहे हैं।
खबरों के अनुसार, पीएम मोदी ने मोदी ने इस दौरान स्पष्ट किया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता पूरी तरह से 'मानवता-प्रथम' और 'जन-केंद्रित' सोच पर आधारित रही है। पिछले 20 सालों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ को अलग-अलग चुनौतियों से निपटने के लिए नियम तय करने वाला बनना होगा।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन में वैश्विक शासन के लिए एक 10-सूत्रीय रोडमैप का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि अब यूएन सुरक्षा परिषद के सुधारों में और देरी नहीं की जा सकती।
उन्होंने एआई साइबरस्पेस, बाहरी अंतरिक्ष, बायोटेक्नोलॉजी और अहम टेक्नोलॉजी से जुड़े ग्लोबल नियमों को तय करने में ग्लोबल साउथ की समान भागीदारी की अपील की। वहीं जंग के बावजूद ईरान-सऊदी साझा बयान के लिए राजी हुई। पीएम मोदी ने आज चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का हाथ पकड़कर सजावट दिखाई।
PC: india.com
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