इंटरनेट डेस्क। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब पुलिस-प्रशासन को निशाने पर लिया है। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि पुलिस-प्रशासन की ऐसी गुंडागर्दी, दबंगई और छापामारी मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी नहीं देखी। आप किसी से भी पूछ लीजिए—चाहे वह कांग्रेस का हो, बीजेपी का हो या आरएसएस का—हर कोई यही कहेगा कि ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं बनी।
गहलोत ने कहा कि लोगों को धमकियां दी जा रही हैं कि मकान तोड़ देंगे, पुलिस घर पहुंच रही है, थाने में बुलाकर बैठाया जा रहा है। यूपी और हरियाणा पुलिस का जिस तरह दुरुपयोग किया गया, वह शर्मनाक है। हालात इतने बदतर हो गए कि जयपुर और जोधपुर हाईकोर्ट को सुनवाई करनी पड़ी। कौन एप्लीकेंट थे जिनको धमकियाँ मिल रही थीं, जिनको अरेस्ट करके बैठा दिया चंडीगढ़ के अंदर। संदीप यादव जी को गुड़गांव से अरेस्ट कर लिया गया। ये जो हरकतें हुई हैं, इनकी कड़ी निंदा होनी चाहिए। राजस्थान में ऐसी परंपराएं किसी भी कीमत पर उचित नहीं हैं।
भरतपुर में बैठाया निर्दलीय उम्मीदवार को जिसे हमारा समर्थन था
पूर्व सीएम ने कहा कि आने वाला फ्यूचर तो नौजवानों का है। अगर ये ऐसी स्थिति, जो आज तक राजस्थान के अंदर सुनी नहीं, अन्य राज्यों में पहले सुनते थे। बंगाल में तो अब बीजेपी का राज बन गया है, तब भी गुंडागर्दी हो रही है, अंडे फेंके जा रहे हैं। चाहे वो एक्स मुख्यमंत्री हो, मंत्री हो, क्या नहीं हो रहा है? और चुनाव में क्या हो रहा है, आपको मालूम ही है। वहां पर असेंबली के बाय-इलेक्शन चल रहे हैं। वह धमका के उम्मीदवार को बैठा दिया जैसे भरतपुर में बैठाया निर्दलीय उम्मीदवार को जिसे हमारा समर्थन था और वो चुनाव जीतता, बैठा दिया और बीजेपी को जिता दिया भजनलाल जी ने अपने जिले में। बदनामी नहीं हुई देश के अंदर? इसी तरह बंगाल में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ 20 साल पुराना केस निकालकर उसे अरेस्ट कर लिया गया।
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