धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी (14 सितंबर 2026) की तैयारियां देशभर में जोर-शोर से चल रही हैं। आधुनिक समय और व्यस्त दिनचर्या के कारण आजकल बहुत से लोग घर बैठे ऑनलाइन गणेश प्रतिमा मंगा रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या ऑनलाइन खरीदी गई मूर्ति की पूजा करना शास्त्रसम्मत है?
धार्मिक मान्यताओं, शास्त्रों और पंचांगीय नियमों के अनुसार ऑनलाइन मूर्ति मंगाने और उसकी स्थापना से जुड़ी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
क्या ऑनलाइन गणपति प्रतिमा खरीदना शास्त्रसम्मत है?
शास्त्रों के अनुसार, ऑनलाइन गणेश प्रतिमा खरीदने में कोई धार्मिक दोष नहीं है। मूर्ति किस माध्यम से खरीदी गई है, इससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि मूर्ति का स्वरूप कैसा है और उसकी पवित्रता बनी हुई है या नहीं।
ऑनलाइन मूर्ति चुनते समय 3 बातें ध्यान में रखें
- सामग्री: गणेश उत्सव के लिए हमेशा पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी (माटी) या गोबर से बनी प्रतिमा को ही प्राथमिकता दें। प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों से बचें।
- शास्त्रसम्मत स्वरूप: बप्पा की मूर्ति बैठी हुई मुद्रा में हो, सूंड बाईं ओर मुड़ी हो और साथ में उनका वाहन मूषक (चूहा) व हाथ में मोदक अवश्य हो।
- अखंडित प्रतिमा: मूर्ति कहीं से भी टूटी, चटकी या खंडित न हो।
ऑनलाइन डिलीवरी मिलने के बाद क्या करें?
ऑनलाइन मंगाने पर कूरियर बॉय से पार्सल प्राप्त करने के बाद सीधे उसे पूजा घर में न रखें। नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।
- अशुद्ध स्थान से दूर रखें: डिलीवरी बॉक्स को कभी भी सीधे जमीन, जूते-चप्पलों के पास या अशुद्ध स्थान पर न रखें। इसे किसी साफ टेबल या लकड़ी की चौकी पर रखें।
- सावधानीपूर्वक अनबॉक्सिंग: पैकेजिंग खोलते समय विशेष सावधानी बरतें ताकि बप्पा के कान, हाथ या सूंड को कोई नुकसान न पहुंचे।
- खंडित मूर्ति की जांच: पैकिंग खोलने के तुरंत बाद प्रतिमा का निरीक्षण करें। यदि मूर्ति कहीं से भी खंडित या टूटी हुई दिखाई दे, तो उसकी स्थापना न करें।
- गंगाजल से शुद्धि: बॉक्स से निकालने के बाद मूर्ति पर थोड़ा सा गंगाजल या शुद्ध जल छिड़ककर उसे पवित्र करें।
- गृह प्रवेश व स्वागत: भले ही मूर्ति ऑनलाइन आई हो, लेकिन घर के मुख्य द्वार से प्रवेश कराते समय लाल या पीले कपड़े में रखकर, पुष्प-अक्षत अर्पित करें और बप्पा के जयकारे (जैसे—”गणपति बाप्पा मोरया”) लगाएं।
ऑनलाइन गणेश मूर्ति मंगाने की प्रमुख चुनौतियां (Challenges)
- यदि आप ऑनलाइन गणपति प्रतिमा ऑर्डर कर रहे हैं, तो इन संभावित जोखिमों के प्रति सतर्क रहें:
- खंडित होने का जोखिम: नाजुक मिट्टी की मूर्ति होने के कारण कूरियर/ट्रांसपोर्टेशन के दौरान क्षतिग्रस्त होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
- वास्तविक स्वरूप में अंतर: ऑनलाइन फोटो में दिख रहे रंग, चमक और वास्तविक मूर्ति के स्वरूप या परिधान में अंतर हो सकता है।
- आकार व माप का अंतर: दी गई माप (Size) और वास्तविक मूर्ति के आकार में अंतर होने से पूजा स्थान के अनुसार सेट करने में परेशानी हो सकती है।
- समय पर डिलीवरी न होना: त्योहार के सीजन में भारी ट्रैफिक के कारण डिलीवरी में देरी हो सकती है, जिससे शुभ मुहूर्त में स्थापना की तैयारी प्रभावित हो सकती है।
(नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, वास्तु नियमों और सनातन परंपराओं पर आधारित है।)
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