Support Parmarth TV.  You can send any amount on our UPI Id: 9643218008m@pnb. 

पाकिस्तानी एयरफोर्स ने फिर से अफगानिस्तान में कर दी एयर स्ट्राइक, इतने लोगों की हुई मौत | Parmarth TV कच्चे तेल में नरमी से 564 अंक चढ़ा सेंसेक्स – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV Gold-Silver Prices: फिर से गिर गई हैं दोनों धातुओं की कीमत, ये ताजा भाव | Parmarth TV SIR: दिल्ली में आडवाणी,एस. जयशंकर सहित कई दिग्गजों को SIR के नोटिस, जगदीप धनखड़ भी शामिल | Parmarth TV LPG Prices: घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की आज इतनी तय हुई हैं कीमतें, जान लें | Parmarth TV PM Modi: प्रधानमंत्री मोदी का 76वां जन्मदिन आज, देश विदेश के नेताओं सहित कई लोगों ने दी बधाई | Parmarth TV National Weather Forecast: राजस्थान के इन संभागों में आज भी है बारिश का अलर्ट | Parmarth TV Petrol-Diesel Prices: जयपुर से लेकर चेन्नई तक, आज ये दोनों ईंधनों की कीमतें | Parmarth TV BJP: नितिन नवीन ने कहा, प्रधानमंत्री का जन्मदिन सेवा दिवस नहीं मनाएंगे तो क्या राहुल बाबा आपका मनाएंगे | Parmarth TV LPG Prices: आज जयपुर में इतने में मिलेगा सिलेंडर, देख लें प्रमुख शहरों में कीमतें | Parmarth TV

डोल एकादशी 21 सितंबर रात 8 बजे से आरंभ होगी, गणपति बप्पा की विदाई का सिलसिला शुरू

डोल एकादशी 21 सितंबर रात 8 बजे से आरंभ होगी, गणपति बप्पा की विदाई का सिलसिला शुरू

पंचांग के अनुसार इस बार एकादशी तिथि 21 सितंबर की रात करीब आठ बजे शुरू होगी और 22 सितंबर की रात 9 बजकर 43 मिनिट तक रहेगी। सूर्योदय के समय एकादशी तिथि ह…और पढ़ें

Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 05:51:37 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 05:56:03 PM (IST)

डोल ग्‍यारस।

HighLights

  1. डोल एकादशी आज, गणपति बप्पा की विदाई का सिलसिला शुरू।
  2. मंदिरों से निकलेंगी सजी पालकियां, भगवान का होगा जल विहार।
  3. अनंत चतुर्दशी पर होगा मुख्य गणेश विसर्जन, निकलेंगी झाकियां।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में गणेशोत्सव की भक्ति के बीच मंगलवार को डोल एकादशी का पर्व मनाया जाएगा। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी, डोल और पार्श्व एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। डोल एकादशी पर भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे।

भगवान के डोल निकलने के साथ ही चतुर्थी से विराजित गणपति बप्पा की विदाई का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। हालांकि गणेश प्रतिमाओं का मुख्य विसर्जन अनंत चतुर्दशी पर होगा।

डोल एकादशी पर ग्वालियर की धार्मिक परंपरा में मंदिरों से भगवान की सजी हुई पालकी निकालने और जल विहार कराने की परंपरा रही है। कई मंदिरों में भगवान को आकर्षक शृंगार कराया जाता है। भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु पालकी के दर्शन करते हैं और भगवान से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

इसी के साथ गणेश पंडालों में भी विसर्जन की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। कुछ स्थानों पर गणपति की छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन डोल एकादशी से शुरू किया जाता है, जबकि बड़ी प्रतिमाओं को अनंत चतुर्दशी तक विराजित रखा जाता है।

Dol Gyaras 2026: क्यों मनाई जाती है डोल ग्यारस, इसे परिवर्तिनी, जलझूलनी, वामन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है

कब शुरू होगी एवं समाप्‍त होगी एकादशी तिथि

पंचांग के अनुसार इस बार एकादशी तिथि 21 सितंबर की रात करीब आठ बजे शुरू होगी और 22 सितंबर की रात 9 बजकर 43 मिनिट तक रहेगी। सूर्योदय के समय एकादशी तिथि होने के कारण मंगलवार को डोल ग्यारस का पर्व मनाया जाएगा। व्रत का पारण 23 सितंबर, बुधवार को किया जाएगा। डोल एकादशी के बाद शहर में गणेश विसर्जन की तैयारियां तेज होंगी और अनंत चतुर्दशी पर गणपति बप्पा को श्रद्धालु भावपूर्ण विदाई देंगे।

naidunia_image

करवट बदलते हैं भगवान विष्णु

धार्मिक मान्यता के अनुसार चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में रहते हैं। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी पर भगवान विष्णु करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इसे वामन और पद्मा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

Trending News