धर्म डेस्क। शनि देव….इस नाम से बहुत से लोग डरते हैं। जब हम जीवन में कई मुश्किलों का सामना करते हैं, तो हम तुरंत सोचते हैं कि शनि की साढ़े साती हमारे पीछे है। बहुत से लोग शनि की साढ़े साती के बारे में जानते हैं। लेकिन बहुत से लोग शनि की ढैय्या के बारे में नहीं जानते हैं।
ज्योतिष के अनुसार, शनि की ढैय्या का प्रभाव बहुत कठिन माना जाता है। यह समय तनाव, स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव और काम में बाधाओं से भरा होता है।
ढैय्या का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में कई बदलाव भी लाता है। जानिए उन राशियों के बारे में जिनके पीछे शनि की ढैय्या का असर इस समय बना हुआ है और आने वाले समय में उनके सामने क्या हालात होंगे।
शनि की ढैय्या 2027 तक…(शनि ढैय्या 2027)
ज्योतिष के अनुसार, 2026 में सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव रहेगा। इसका असर 3 जून 2027 तक रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, शनि की ढैय्या एक मुश्किल समय होता है, जिसमें व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह समय चुनौतियों, संघर्षों और धैर्य की परीक्षा माना जाता है। इस दौरान काम में देरी, मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन, पैसे में उतार-चढ़ाव और सेहत से जुड़ी परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ उपाय करके शनि की ढैय्या का असर कम किया जा सकता है और इस दौरान व्यक्ति को कुछ राहत मिल सकती है। आइए इसके बारे में और जानते हैं।
शनि वक्री के साथ ही ढैया भी चल रहा है, इन 5 राशि के लोगों के लिए है कड़ी परीक्षा का समय
इन 3 राशियों पर चल रही है शनि की साढ़े साती, किसे मिलेगी राहत
2 राशियों पर ढैय्या का क्या असर होगा? (शनि देव)
सफलता मिलने में देरी – ज्योतिषियों के अनुसार, सिंह और धनु राशि के लोगों को अपने काम में मनचाही सफलता पाने के लिए इस दौरान ज़्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। पूरी कोशिशों के बावजूद, कभी-कभी नतीजों में देरी हो सकती है, जिससे निराशा हो सकती है।
पैसे में उतार-चढ़ाव जारी – ज्योतिषियों के अनुसार, कोई नया काम शुरू करते समय हमेशा अनुभवी लोगों की मदद लेना सबसे अच्छा होता है। पैसे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और फालतू खर्चे बढ़ सकते हैं। इस दौरान काम से जुड़ी परेशानियां बनी रहेंगी। हालांकि, कड़ी मेहनत और सब्र से आपको सफलता मिल सकती है। काम पर ज़िम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और दबाव महसूस हो सकता है।
शनि का असर कम करने के लिए – ज्योतिषियों के अनुसार, शनिवार को व्रत रखना और सही तरीके से शनि देव की पूजा करना फायदेमंद माना जाता है। काले तिल, चना, सरसों का तेल और लोहे की चीज़ें दान करने से शनि के बुरे असर कम होते हैं। शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाना शुभ माना जाता है। इस दौरान आपको शनि चालीसा या शनि मंत्र का जाप भी करना चाहिए। इससे मुश्किलें कम होती हैं।
शनि गायत्री मंत्र
ॐ शनायचराय विदमहे चायपुत्राय धीमहि शनबीजराय धीमहि शनि शनि पीड़ाहार स्तोत्र
सूर्यपुत्रो दीर्घदेहाय विशालाक्ष: शिवप्रिय: ।
देलागचार: प्रसन्नात्मा पीड़ां हरतु मे शनि: ।
तन्नो डिम: प्रातःकाल।







