इस दिन ग्रामीण इलाकों में लोग दूध, फल, चंदन इत्यादि लगाकर नाग की फोटो और घरों में नाग देवता की मूर्ति का विधि पूर्वक पूजन करते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जिन जातकों की जन्म कुण्डली में कालसर्प योग नामक दुर्योग होता है उस दुर्योग की शांति भी नागपंचमी के दिन की जाती है।
By Jogendra Sen
Publish Date: Mon, 28 Jul 2025 07:40:18 PM (IST)
Updated Date: Mon, 28 Jul 2025 07:46:36 PM (IST)
HighLights
- नाग पंचमी का पर्व हमारा प्रकृति के साथ तादात्म्य स्थापित करने का पर्व है
- नाग प्रकृति में काफी घातक माने जाते हैं जिनसे आम जनता भयभीत रहती है।
- हिंदू परंपरा में नाग पूजने विधान है। नाग को किसान का दोस्त कहा जाता है ।
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। पवित्र श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी 29 जुलाई मंगलवार को श्रद्धाभाव के साथ शिव योग और सिद्धि योग में मनाया जाएगा। नागपंचमी पर नगर के सबसे प्राचीन छत्री बाजार स्थित रियासत कालीन नागदेवता के मंदिर पर आकर्षक विद्युत प्रकाश की सज्जा की गई है। इसके साथ ही तारांगज, दौलतगंज व सीपी कालोनी स्थित नागदेवता मंदिर पर नागपंचमी की तैयारियां की गई हैं। घरों में भी दरवाजे के दोनों तरफ नागदेवता की आकृति बनाकर पूजा की जाती है।

- ज्योतिषाचार्य और नाड़ी एस्ट्रोलाजिस्ट पंडित रवि शर्मा ने बताया कि श्रावण शुक्ल पंचमी तिथि 28 जुलाई रात्रि 11 बजकर 23 मिनट से शुरू होकर 29 जुलाई को रात्रि पौने एक बजे तक रहेगी।
- उदया तिथि के अनुसार, नाग पंचमी का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा।
- नाग पंचमी का पर्व हमारा प्रकृति के साथ तादात्म्य स्थापित करने का पर्व है जिसमें हम नागों की पूजा करने का विधान है।
- नाग जो प्रकृति में काफी घातक माने जाते हैं जिनसे आम जनता भयभीत रहती है।
- हिंदू परंपरा में इनकी भी पूजा करने का विधान है। नाग को किसान का दोस्त कहा जाता है ।
पूजा का शुभ मुहूर्त
सुबह पौने छह बजे से आठ बजकर 31 मिनट तक, सुबह पौने ग्यारह बजे से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक पश्चात दोपहर तीन बजकर 51 मिनट से शाम पांच बजकर 32 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से पूजा करने से नागदेवता प्रसन्न होते हैं और इच्छित वरदान प्रदान करते हैं।
.jpg)
नागदेवता मंदिर पर लगेगा मेला
छत्री बाजार स्थित नागदेवता मंदिर पर स्टेडियम के दोनों तरफ आकर्षक विद्युत प्रकाश की सज्जा की गई है। नागपंचमी पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं। सुबह लेकर देर रात तक मेला जैसा माहौल रहता था। मंदिर के आसपास झूले व प्रसाद और अन्य प्रसाद की दुकानें सज गई हैं। श्रद्धालुओं द्वारा स्टाल लगाकर प्रसाद का वितरण किया जाता है।
तड़के होगा अभिषेक और दिव्य श्रृंगार
छत्री बाजार स्थित नागदेवता का मंगलवार की तड़के नागदेवता का वैदिक मंत्रोच्चरण के साथ पंचामृत से अभिषेक होगा। अभिषेक के उपरांत नागदेवता का परिधान धारण कराकर दिव्य व आलौकिक श्रृंगार कर चंदन का इत्र अर्पित किया जायेगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शनों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से ही कतारबद्ध होकर दर्शन कर पाएंगे। इसी तरह दौलतगंज व नागदेवता के मंदिर में अभिषेक के बाद श्रृंगार किया जाएगा।







