बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में श्रद्धा के साथ मनाया जाने वाला जितिया व्रत इस साल 3 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को रखा जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अन…और पढ़ें
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 06:35:08 PM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 06:35:08 PM (IST)
धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में माताओं द्वारा अपनी संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखी जीवन के लिए रखा जाने वाला अत्यंत कठिन एवं पावन जितिया व्रत (जीवितपुत्रिका व्रत) इस साल 3 अक्टूबर 2026, शनिवार को रखा जाएगा। यह पर्व मुख्य रूप से झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अपार श्रद्धा व निष्ठा के साथ मनाया जाता है।
इस व्रत में माताएं लगभग 24 घंटे से भी अधिक समय तक अन्न और जल का त्याग (निर्जला उपवास) कर भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं।
जितिया व्रत 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पंचांगीय तिथि का विवरण इस प्रकार है-
- अष्टमी तिथि का प्रारंभ: 3 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को सुबह 04:29 बजे से।
- अष्टमी तिथि का समापन: 4 अक्टूबर 2026 (रविवार) को सुबह 02:21 बजे तक।
- व्रत की तिथि: उदयातिथि की मान्यता के अनुसार जितिया का निर्जला व्रत 3 अक्टूबर 2026 को ही रखा जाएगा।
- ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः पूजा समय): सुबह 06:14 बजे से 07:03 बजे तक।
- अमृत काल (विशेष पूजा मुहूर्त): दोपहर 12:35 बजे से 02:05 बजे तक।
नहाय-खाय और ‘नोनी का साग’: इसके बिना अधूरा है व्रत!
जितिया व्रत से एक दिन पहले (सप्तमी तिथि) ‘नहाय-खाय’ और ‘ओठगन/सरगी’ की परंपरा निभाई जाती है।
- नोनी साग का विशेष महत्व: धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, जितिया व्रत के भोजन में नोनी का साग (सब्जी/सूप) खाना अनिवार्य माना गया है। माना जाता है कि इसके सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है और इसके बिना व्रत की तैयारी अधूरी मानी जाती है।
चील-सियारिन और जीमूतवाहन की पूजा का धार्मिक महत्व
- चील और सियारिन की आकृति: जितिया पूजा के दौरान महिलाएं मिट्टी और गाय के गोबर से चील (चील्हो) और सियारिन (सियारो) की आकृतियां बनाती हैं और उन्हें प्रसाद अर्पित कर विधि-विधान से पूजा करती हैं।
- जीमूतवाहन कथा: मान्यता है कि भगवान जीमूतवाहन की पूजा और चील-सियारिन की कथा सुने बिना इस व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
- पितृ तर्पण: इस दिन संतान के साथ-साथ परिवार की सुख-समृद्धि के लिए पूर्वजों (पितरों) का ध्यान और पूजन भी किया जाता है।







