वैदिक पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह में अजा एकादशी (Aja Ekadashi 2025) मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है।
By Himadri Singh Hada
Publish Date: Tue, 01 Jul 2025 06:33:28 PM (IST)
Updated Date: Tue, 01 Jul 2025 06:33:28 PM (IST)
धर्म डेस्क, नईदुनिया। अजा एकादशी व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत रखने और दान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
अजा एकादशी 2025 व्रत तिथि और मुहूर्त
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 18 अगस्त 2025 (शाम 05:22 बजे)
अजा एकादशी व्रत पारण समय
- व्रत पारण की तिथि: 20 अगस्त 2025 (बुधवार)
- पारण मुहूर्त: सुबह 05:53 बजे से 08:29 बजे तक
इस समय के भीतर व्रत तोड़ना शुभ माना जाता है।
विशेष मुहूर्त (Panchang)
पंचांग
- सूर्योदय: सुबह 05 बजकर 22 मिनट पर
- सूर्यास्त: शाम 05 बजकर 57 मिनट पर
- चंद्रोदय: रात 02 बजकर 29 मिनट पर
- चन्द्रास्त: 20 अगस्त को दोपहर 04 बजकर 18 मिनट पर
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 25 मिनट से 05 बजकर 09 मिनट तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 35 मिनट से 03 बजकर 27 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त: दोपहर 03 बजकर 22 मिनट से 05 बजकर 04 मिनट तक
- निशिता मुहूर्त: रात 12 बजकर 03 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक
किन चीजों का करें दान?
एकादशी के दिन पूजा के बाद इन वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है- अन्न, वस्त्र, तांबा, धन, घी, तुलसी, धार्मिक पुस्तकें। दान करने से पापों से मुक्ति धन-धान्य में वृद्धि विष्णु कृपा से पारिवारिक सुख की प्राप्ति होता है।







