Support Parmarth TV.  You can send any amount on our UPI Id: 9643218008m@pnb. 

शेयर बाजारों की गिरावट बढ़ी, सेंसेक्स 1,200 अंक से ज्यादा टूटा – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV ईरान ने अमेरिका को अब दे डाली है ये चेतावनी, कहा- दोबारा हमला किया तो पश्चिम एशिया की जंग हिंद महासागर… | Parmarth TV Gold-Silver Prices:  2,716 रुपए सस्ती हुई चांदी, सोने के भी इतने गिर गए हैं दाम | Parmarth TV PF सदस्य की मौत पर परिवार को मिलता है सात लाख रुपए तक का बीमा और पेंशन, ये है नियम | Parmarth TV अपनी पत्नी के साथ अमेरिका पहुंचे Xi Jinping, डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटोकाल तोड़कर किया ऐसा | Parmarth TV India: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्काे रूबियो के सामने उठाया 100 प्रतिशत टैरिफ वाला मुद्दा | Parmarth TV PM Kisan Scheme: अगले साल से किसानों को 6000 के स्थान पर मिलेंगे सालाना 10000 रुपए! | Parmarth TV National Weather Forecast: उत्तर प्रदेश सहित 14 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी, राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम | Parmarth TV Petrol-Diesel Prices: देश के प्रमुख शहरों के लिए अपडेट हो गई हैं दोनों ईंधनों की कीमतें, ये है ताजा रेट | Parmarth TV Dotasra ने वीडियो शेयर कर सीएम भजनलाल पर साधा निशाना, कहा- पार्षदों को मजबूरी में बस के शीशे तोड़कर… | Parmarth TV

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र के पहले दिन होगी मां शैलपुत्री की पूजा, क्या है मां का प्रिय भोग, मुहूर्त और विधि

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र के पहले दिन होगी मां शैलपुत्री की पूजा, क्या है मां का प्रिय भोग, मुहूर्त और विधि

चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू होगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा और घट स्थापना की जाएगी। शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भोग का विशेष महत्व बताया ग …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 18 Mar 2026 03:35:06 PM (IST)Updated Date: Wed, 18 Mar 2026 04:14:20 PM (IST)

चैत्र नवरात्र का पहला दिन मां शैलपुत्री का होता है। (फोटो- एआई जनरेटेड)

HighLights

  1. 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ होगा।
  2. पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व।
  3. घट स्थापना शुभ मुहूर्त में करना अत्यंत जरूरी माना।

धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का प्रतीक है, जो श्रद्धा, भक्ति और शक्ति का संगम है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च, गुरुवार से प्रारंभ हो रही है।

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है और विधि-विधान से घट स्थापना (कलश स्थापना) कर नौ दिनों की पूजा का शुभारंभ किया जाता है। इस दिन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसी से पूरे नवरात्रि पर्व की शुरुआत होती है।

मां शैलपुत्री का स्वरूप और महत्व

नवदुर्गा का प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री का है, जिन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। माता वृषभ यानी बैल पर सवार रहती हैं, इसलिए इन्हें वृषारूढ़ा भी कहा जाता है। उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प होता है। मां शैलपुत्री को शक्ति, स्थिरता और धैर्य का प्रतीक माना जाता है। उनकी पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल की वृद्धि होती है।

naidunia_image

घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। इस वर्ष घट स्थापना का शुभ समय सुबह 6:23 बजे से 7:32 बजे तक रहेगा। इसके अलावा शुभ चौघड़िया सुबह 6:54 से 7:57 बजे तक, लाभ चौघड़िया दोपहर 12:29 से 1:59 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त 12:05 से 12:53 बजे तक रहेगा। इन मुहूर्तों में विधिपूर्वक घट स्थापना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

घट स्थापना की विधि

नवरात्रि के पहले दिन प्रातः स्नान कर पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल से शुद्ध करें। उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में मिट्टी या तांबे का कलश स्थापित करें। उसमें जल, सुपारी, अक्षत, दूर्वा आदि डालें और ऊपर आम या अशोक के पत्ते रखकर नारियल स्थापित करें। इसके बाद जौ बोकर अखंड ज्योत प्रज्वलित करें, जो पूरे नौ दिनों तक जलती रहे।

naidunia_image

मां शैलपुत्री की पूजा विधि और भोग

पूजा के दौरान लाल वस्त्र बिछाकर मां शैलपुत्री की प्रतिमा स्थापित करें और विधिपूर्वक पूजा करें। मां के मंत्र “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:” का जाप करें। माता को गाय के घी से बनी मिठाई और दूध से बनी खीर का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इससे माता प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।

Trending News