Malmas 2026: मलमास के दौरान शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। …और पढ़ें
Publish Date: Sun, 03 May 2026 03:48:20 PM (IST)Updated Date: Sun, 03 May 2026 03:54:33 PM (IST)
HighLights
- दान और मंत्र जाप से मिलता है पुण्य
- इस दौरान शादी-विवाह जैसे कार्य वर्जित
- गृह प्रवेश और नए कारोबार पर भी रोक
धर्म डेस्क, नईदुनिया। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश नहीं करते, तो उस अवधि को मलमास (Malmas 2026 Date) या अधिक मास कहा जाता है। इस वर्ष मलमास की शुरुआत 17 मई से होगी और यह 15 जून तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।
मांगलिक कार्यों पर लगेगी रोक
मलमास के दौरान शादी-विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और जनेऊ संस्कार जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। मान्यता है कि इस समय किए गए शुभ कार्य जीवन में बाधाएं ला सकते हैं। इसके अलावा नए व्यापार, दुकान या शोरूम की शुरुआत भी इस अवधि में टालने की सलाह दी जाती है।

भगवान विष्णु की पूजा का महत्व
यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है, इसलिए इसे ‘पुरुषोत्तम मास’ भी कहा जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व होता है।
दान और जाप से मिलेगा पुण्य
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मलमास में अनाज, जल और तिल का दान करना अत्यंत फलदायी होता है। साथ ही ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
सात्विक जीवनशैली अपनाने की सलाह
इस अवधि में तामसिक भोजन से दूर रहकर सात्विक जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है। मलमास को आत्मचिंतन और आध्यात्मिक उन्नति का समय माना जाता है।
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