धर्म डेस्क। पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन राम नवमी (Ram Navami 2026) का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष चैत्र शुक्ल नवमी तिथि 26 और 27 मार्च 2026 को पड़ रही है, जिससे लोगों के बीच पर्व की सही तारीख को लेकर दुविधा बनी हुई है।
वैदिक पंचांग के अनुसार अधिकांश लोग राम नवमी गुरुवार, 26 मार्च 2026 को मनाएंगे। वहीं वैष्णव समाज के लोग इस पर्व को 27 मार्च को मनाएंगे।
राम नवमी पर लगाएं ये विशेष भोग
राम नवमी के अवसर पर भगवान श्रीराम को विशेष भोग अर्पित करने का महत्व होता है। पूजा के दौरान पीले रंग की मिठाई, केसर भात, खीर, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और चीनी) और धनिया पंजीरी का भोग लगाया जा सकता है।
ध्यान रखें कि भोग में तुलसी दल अवश्य शामिल करें, क्योंकि भगवान श्रीराम, भगवान विष्णु के अवतार हैं और बिना तुलसी के भोग अधूरा माना जाता है।
पूजा में इन चीजों का करें उपयोग
राम नवमी की पूजा में गेंदा, चमेली या कमल के फूल अर्पित करना शुभ माना गया है। इसके साथ ही रोली, चंदन और धूप का उपयोग करना चाहिए। श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से भगवान राम प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
हवन का विशेष महत्व
राम नवमी के दिन चैत्र नवरात्र का समापन भी होता है। इस अवसर पर पूजा के बाद हवन करना अत्यंत फलदायी माना गया है। हवन में तिल, जौ, घी, लकड़ी और गुग्गुल का उपयोग किया जाता है। मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।
दान का धार्मिक महत्व
इस दिन अन्न, वस्त्र, गुड़, चने की दाल और सुहाग सामग्री का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा जरूरतमंदों को भोजन कराना भी पुण्यदायी होता है।







