मान्यता है कि भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। हालांकि, शिवलिंग पर कुछ चीजें चढ़ाना शुभ माना जाता है, जबकि कुछ वस्तुएं अर्पित करना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वर्जित माना गया है।
श्रावण में शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये चीजें..
दूध और गंगाजल से करें रुद्राभिषेक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव का दूध और गंगाजल से अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और वैभव की प्राप्ति होती है।
बेलपत्र
बेलपत्र भगवान शिव को सबसे प्रिय माना जाता है। मान्यता है कि शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्त की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। बेलपत्र के बिना शिव पूजा अधूरी मानी जाती है।
धतूरा
धतूरा भी भगवान शिव का प्रिय प्रसाद माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि शिवलिंग पर धतूरा अर्पित करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है।
कनेर का फूल
श्रावण में भगवान शिव को कनेर का फूल अर्पित करना भी शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे भोलेनाथ प्रसन्न होकर सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
ये चीजें भी कर सकते हैं अर्पित
श्रावण में शिवलिंग पर इन वस्तुओं का भी अर्पण किया जा सकता है-
- चंदन
- इत्र
- भांग
- केसर
- गंगाजल
- शहद
- अक्षत (चावल)
- शक्कर
- दही
- घी
- गन्ने का रस
शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें..
हल्दी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाई जाती। हल्दी को सौंदर्य और मांगलिक कार्यों से जुड़ा माना जाता है।
रोली या कुमकुम
भगवान शिव को रोली या कुमकुम अर्पित नहीं किया जाता। इसके स्थान पर चंदन का तिलक लगाने की परंपरा है।
शंख
शिव पूजा में शंख का उपयोग वर्जित माना जाता है।
नारियल का पानी
धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिवलिंग पर नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए। नारियल को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है।
तुलसी के पत्ते
शिवलिंग पर तुलसी अर्पित नहीं की जाती। मान्यता है कि तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए शिव पूजा में इसका प्रयोग नहीं किया जाता।
श्रावण में रखें इन बातों का भी ध्यान
- सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा करें।
- शिवलिंग पर जल या गंगाजल अर्पित करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
- पूजा में सात्विकता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें।
- श्रावण के सोमवार का व्रत रखने वाले भक्त नियमों का पालन करें।







