इंटरनेट डेस्क। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ( यूआईडीएआई) ने आधार में अपडेट करने के नियमों में बदलाव कर दिया है, इनके बारे में आपको भी जानकारी होनी चाहिए। आज हम आपको यूआईडीएआई की ओर किए गए बदलावों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। यूआईडीएआई ने अब अब नाम में किए जाने वाले बदलाव को उनकी प्रकृति के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में बांटा दिया गया है। उसी के हिसाब से अब लोगों से हर तरह के बदलाव के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की मांग की जा सकी है। संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) 18 सितंबर से लागू कर दिया गया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर नाम की छोटी स्पेलिंग गलती ठीक करने से लेकर शादी या तलाक के बाद नाम बदलने और पूरा नाम बदलने तक के लिए अलग-अलग प्रक्रिया बताई गई है।
इसे माना जाएगा डेटा एंट्री की गलती
अगर आधार बनवाते समय या पहले नाम अपडेट कराते वक्त दिए गए दस्तावेज में नाम सही था, लेकिन आधार रिकॉर्ड में नाम गलत दर्ज होने पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर से इसे डेटा एंट्री की गलती माना जा सकता है। इसके तहत वयस्कों के लिए निर्धारित अनुलग्नक B के शपथ पत्र के साथ पहचान प्रमाण या संबंध प्रमाण,नाबालिगों के मामले में निर्धारित अनुलग्नक C के शपथ पत्र के साथ जरूरी दस्तावेज देने होंगे।
मानापूरा नाम बदलवाने के लिए करना होगा ऐसा
अगर अंग्रेजी में नाम सही है लेकिन क्षेत्रीय भाषा में गलती है, तो इसके लिए अलग प्रक्रिया लागू की गई है। अगर आप अपना पूरा नाम बदलना चाहता है या बदलाव इतना बड़ा है तो इसके लिए राजपत्र अधिसूचना (Gazette Notification) के साथ निर्धारित पहचान दस्तावेज भी जमा करने पड़ सकते हैं।
PC: ndtv
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