इंटरनेट डेस्क। केन्द्र सरकार ने आज से टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए नए एनुअल कंसेशनल पास की शुरुआत कर दी है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से फास्टैग एनुअल पास के नियमों में संशोधन किया गया है।
सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए इसके तहत नगरपालिका या स्थानीय कस्बे से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए एक साल की फीस 1500 रुपए और शहरी या स्थानीय निकाय सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए 3000 रुपए तय कर दी गई है। केन्द्र सरकार की इस इस सुविधा का लाभ लेने लिए वाहन पर्सनल इस्तेमाल के लिए रजिस्टर्ड होना जरूरी है और उस पर एक्टिव फास्टैग लगा होना आवश्यक है।
ऐसा होने पर नहीं मिलेाग सुविधा का लाभ
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से फास्टैग एनुअल पास का ये संशोधित नियम उन नेशनल हाइवों या एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगी, जहां टोल वसूली के लिए क्लोज्ड यूजर फी सिस्टम लागू है। वहीं सेवा मार्ग या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होन पर स्थानीय लोग इस सुविधा के लिए फायदा नहीं उठा पाएंगे। यानी रियायत का लाभ उठाने के लिए वैकल्पिक मार्ग का न होना एक बड़ी शर्त केन्द्र सरकार की ओर से रखी गई है। वार्षिक पास की सुविधा केवल उसी टोल प्लाजा पर मिलेगी, जिसके लिए पास जारी किया गया है।
PC: indiatv
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