इंटरनेट डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान पर जल्द हमला करने की धमकी के बाद सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के अधिकारी सोमवार को तेहरान पहुंच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और दूसरे अधिकारियों के साथ बैठक की।
डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद पजशकियान ने बोल दिया कि मुस्लिम देशों को एकजुट होकर क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए काम करना चाहिए। खबरों के अनुसार, तेहरान में हुई इस बैठक में सऊदी अरब के डिफेंस मिनिस्टर प्रिंस खालिद बिन सलमान, पाकिस्तान के डिफेंस फोर्सेज के मुखिया असीम मुनीर और तुर्किये के इंटेलिजेंस चीफ इब्राहिम कालिन तेहरान में शामिल हुए।
बैठक के दौरान ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान ने बोल दिया कि क्षेत्र के देशों को अपने लोगों के खिलाफ खतरों का मिलकर सामना करना चाहिए। आपसी मतभेदों को बातचीत से सुलझाना चाहिए और सहयोग बढ़ाना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि इन बैठकों में होने वाला कोई भी ऐसा समझौता, जिससे क्षेत्र में एकता, आपसी तालमेल और सहयोग बढ़ेगा, उसे ईरान द्वारा पूरा समर्थन दिया जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी ये धमकी
आपको बात दें कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ फिर सैन्य कार्रवाई करने की संभावना जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान कहा कि हम एक और छोटा ऑपरेशन एपिक फ्यूरी कर सकते हैं। अमेरिकी सेना की ओर से ईरान के खिलाफ शुरू हुए युद्ध को 'एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया था। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की जानकारी नहीं दी कि दोबारा सैन्य कार्रवाई कब या किस तरह की होगी।
PC: bhaskar
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