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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केकड़ी नगरपालिका में सभापति पद विजयी हुए कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल को चैंबर में सीट नहीं मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में मंगलवार देर रात सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात कही है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि केकड़ी नगरपालिका में सभापति पद पर कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल की कल विजय हुई थी, लेकिन जब वे नगरपालिका में अपने चैंबर में गए तो जानकारी मिली कि सभापति के चैंबर पर तो भाजपा विधायक का ही कब्जा है। यह हास्यास्पद है कि निर्वाचित सभापति को अपने ही दफ्तर में बैठने के लिए तरसना पड़ रहा है और भाजपा विधायक कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं। इसके विरोध में पूर्व मंत्री रघु शर्मा समेत तमाम कांग्रेस नेता धरने पर बैठे हैं।
अशोक गहलोत ने कहा कि नगरपालिका के अधिकारी सत्ताधारी दल के आगे नतमस्तक होकर चुनाव के नतीजे को मानने से ही इनकार कर रहे हैं। अभी सभापति ने काम शुरू भी नहीं किया और अभी से उनके काम में अड़चन डालने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी को तत्काल हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भाजपा विधायक निर्वाचित सभापति को उनका चैंबर तुरंत सुपुर्द करें, यह जनमत का सीधा अपमान है।
भाजपा सरकार अब जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों से उनका अधिकार भी छीनने का प्रयास कर रही
वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस संबंध में कहा कि नगर निकाय चुनावों में तानाशाही के दम पर लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास करने वाली भाजपा सरकार अब जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों से उनका अधिकार भी छीनने का प्रयास कर रही है। अजमेर जिले की केकड़ी नगरपालिका में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल सभापति निर्वाचित हुए, लेकिन जब वे नगरपालिका पहुंचे तो उनके लिए सभापति का कक्ष खोलने से मना कर दिया गया कि स्थानीय भाजपा विधायक द्वारा उसी कक्ष में जनसुनवाई केंद्र चलाया जा रहा है। भाजपा नेताओं से हार बर्दाश्त नहीं हो रही है। जनता ने जिसे सभापति चुना, उसे अपने ही दफ्तर में बैठने के लिए तरसना पड़ रहा है और सत्ता के अहंकार में भाजपा विधायक कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। आखिर प्रदेश में यह कैसा मजाक चल रहा है?
PC: etvbharat
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