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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बिचून के पास भैराणा धाम में पेड़ों को बचाने के लिए संतों द्वारा किए जा रहे अग्नि तप को लेकर अपनी प्रतिक्रिय दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अविलंब ध्यान देने की अपील की है।
अशोक गहलोत ने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि जयपुर के बिचून के पास भैराणा धाम में पेड़ों को बचाने के लिए संतों का अग्नि तप करना हम सबके लिए बेहद खेदजनक एवं चिंता का विषय है। जो पार्टी धर्म और आस्था के नाम पर लोगों की भावनाओं से खेलकर सत्ता में आई हो, आज उसी के शासन में संतों की पुकार अनसुनी की जा रही है। इससे संत समाज और आमजन में भारी आक्रोश है।
गहलोत ने कहा कि एक तरफ 'एक पेड़ माँ के नाम' का ढोंग और दूसरी तरफ ग्रीन कवर को खत्म करने की जिद, यह विकास नहीं, विनाश है। भीषण गर्मी में झुलसते राजस्थान को पेड़ों की जरूरत है। आखिर पेड़ों की बलि देकर और संतों की भावनाओं को आहत कर भाजपा सरकार कौन सा निवेश लाना चाहती है, यह समझ से परे है।
अशोक गहलोत ने कह कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अविलंब ध्यान देना चाहिए।उन्हें इस भीषण गर्मी में तप कर रहे इन साधुओं के पास या तो स्वयं जाना चाहिए या अपने किसी मंत्री को भेजना चाहिए। भाजपा सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निवेश के नाम पर पेड़ न काटे जाएं।
PC:jansatta
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