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इंटरनेट डेस्क। राजस्थान सरकार ने अब जल्द सरकारी नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को लेकर सख्त कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने अब नौकरी में नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण लेकर जल्द सेवा छोड़ने वाले कर्मचारियों पर लगाम लगाने के लिए नियम सख्त कर दिए हैं।
खबरों के अनुसार, प्रदेश की भजनलाल सरकार के नए नियम के तहत अब राजपत्रित पद पर नियुक्ति के बाद स्वतंत्र प्रभार संभालने से पहले निर्धारित प्रशिक्षण लेने वाले कर्मचारी को प्रशिक्षण शुरू होने से पहले बॉन्ड देना होगा। इसके बाद प्रदेश सरकार प्रशिक्षण के दौरान या प्रशिक्षण पूरा होने के दो वर्ष के भीतर दूसरी नौकरी स्वीकार करने पर प्रशिक्षण पर किए गए खर्च और अन्य प्रशिक्षण संबंधी खर्च की वसूली कर सकेगी। हालांकि, वसूली में कर्मचारी को दिया गया वेतन तथा यात्रा एवं दैनिक भत्ते को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
खबरों के अनुसार, कर्मचारी द्वारा केंद्र सरकार, किसी अन्य राज्य सरकार, पूर्ण अथवा आंशिक स्वामित्व वाले सार्वजनिक उपक्रम, क्वासी-गवर्नमेंट संगठन, आरबीआई या ग्रामीण बैंक की नौकरी के लिए राजस्थान सरकार की सेवा छोड़ने पर बॉन्ड की शर्त उसी रूप में लागू नहीं होगी। संबंधित कर्मचारी से नए नियोक्ता के यहां निर्धारित अवधि तक सेवा करने के लिए नया बॉन्ड लिया जाएगा। अवधि और शर्ते संबंधित प्रशासनिक विभाग की ओर से तय किया जाएगा।
एक वर्ष राज्य सेवा करनी जरूरी होगी
आपको बता दें कि तीन माह से अधिक अवधि के प्रशिक्षण पर भेजे गए और नियम 7 (8) (बी) के तहत ड्यूटी पर माने गए कर्मचारियों पर भी राजस्थान सरकार की बॉन्ड की शर्त लागू रहेगी। तीन माह से ज्यादा और 6 माह तक के प्रशिक्षण के बाद कम से कम एक वर्ष राज्य सेवा करनी जरूरी होगी।
PC: dipr.rajasthan
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