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इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर से भाजपा की सरकार को निशाने पर लिया है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो गहलोत ने निकाय चुनावों में पुलिस प्रशासन के दुरुपयोग और परिसीमन में धांधली के आरोप लगाए हैं। जयपुर स्थित अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन परिसीमन में बेईमानी और पुलिस की गुंडागर्दी बेहद चिंताजनक है।
खबरों की माने तो गहलोत ने दावा किया कि पुलिस अधिकारी खुद मान रहे हैं कि उन पर भारी दबाव था और मुख्यमंत्री कार्यालय से रोजाना निगरानी की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधीक्षकों और जिलाधिकारियों को बुलाकर निर्देश दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में गहराते अकाल और सूखे के संकट से निपटने में राज्य सरकार की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठाए।
जानकारी के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि निकाय चुनावों के परिसीमन में पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर बेईमानी की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं घनश्याम तिवाड़ी, राजेंद्र राठौड़ और अरुण चतुर्वेदी ने छह महीने तक ओटीएस में बैठकर परिसीमन को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इससे वार्डों में मतदाताओं की संख्या का संतुलन बिगड़ गया है। गहलोत के मुताबिक, प्रदेश में कहीं एक वार्ड में केवल 85 मतदाता हैं, तो कहीं 250 मतदाता हैं। वहीं, कुछ वार्डों में मतदाताओं की संख्या 5,000, 10,000 और 20,000 तक पहुंचा दी गई है।
pc- aaj tak
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