Support Parmarth TV.  You can send any amount on our UPI Id: 9643218008m@pnb. 

INDIA ब्लॉक की आठवीं बैठक में लिए ये बड़े फैसले, खड़गे ने कहा- भाजपा चुनाव आयोग के साथ वोट चोरी कर रही है | Parmarth TV Gold-Silver Prices: फिर से बढ़ गए हैं सोने-चांदी के दाम, ये है आज की रेट | Parmarth TV मारा गया पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का मोस्ट वांटेड आतंकवादी मूसा | Parmarth TV 1 October: नए महीने की पहली तारीख से बदलने जा रहे ये नियम, पड़ेगा आपकी जेब पर भी असर | Parmarth TV उज्जैन में शाही मस्जिद का एक हिस्सा तोड़े जाने पर हुआ हंगामा, पांच लोग गिरफ्तार | Parmarth TV Bank Holiday: जाने अक्टूबर महीने में कितनों दिनों के लिए रहेगी बैंकों में छुट्टियां, अटक सकते हैं आपके काम | Parmarth TV Gold-Silver Prices: चांदी कीमत में आई 1,373 रुपए की गिरावट, सोना फिर से हुआ सस्ता | Parmarth TV PoK में प्रदर्शनकारियों का आंदोलन तेज, शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के खिलाफ लगे नारे, कहा- हम भारत से मिलना चाहते हैं | Parmarth TV National Weather Forecast: यूपी, बिहार सहित कई राज्यों में कहर ढा रही बारिश, आज इन राज्यों में है भारी बारिश का अलर्ट | Parmarth TV Bank Holidays: अक्टूबर में लगातार पांच दिन बैंक रहेंगे बंद, देख लें ये लिस्ट | Parmarth TV

अरावली पर्वत श्रृंखला की परिभाषा तय करने वाले अपने ही आदेश पर Supreme Court ने लगा दी रोक | Parmarth TV

अरावली पर्वत श्रृंखला की परिभाषा तय करने वाले अपने ही आदेश पर Supreme Court ने लगा दी रोक | Parmarth TV

इंटरनेट डेस्क। देश के शीर्ष न्यायालय ने आज अरावली पर्वत श्रृंखला की परिभाषा तय करने वाले अपने ही आदेश पर रोक लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि 20 नवंबर को सुनाया गया फैसला अगली सुनवाई तक लागू नहीं होगा।

इस मामले में अगली सुनवाई 21 जनवरी को की जाएगी। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।

वहीं सीजेआई ने सुनवाई के दौरान कहा कि अरावली पहाड़ियों के अध्ययन और सर्वे के लिए एक नई समिति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसपर पुनः विचार किया जाना है कि क्या 100 मीटर से ऊंची पहाड़ियों को ही अरावली का हिस्सा मानने से अवैध खनन तो नहीं शुरू हो जाएगा। वहीं उस क्षेत्र की पहचान करने के लिए परिभाषा तय करनी है जो कि अरावली का हिस्सा नहीं हैं। आपको बता दें कि अरावली पवर्तमाला दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात तक फैली है।

PC:sci.gov
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें

Trending News