धर्म डेस्क। भारतीय सनातन परंपरा में अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य या उपाय कभी ‘क्षय’ नहीं होता, यानी उसका फल अनंत काल तक मिलता रहता है। यदि आप भी आर्थिक संकट, लगातार बढ़ते कर्ज या धन की बरकत न होने से परेशान हैं, तो अक्षय तृतीया की रात आपके भाग्य के बंद दरवाजे खोल सकती है।
तिजोरी के लिए 5 जादुई और सिद्ध चीजें
1. पीली कौड़ियां
कौड़ियों का संबंध सीधे समुद्र मंथन और मां लक्ष्मी से है। अक्षय तृतीया की रात 5 या 11 पीली कौड़ियां लें, उन्हें केसर के घोल से रंगें और माता लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करें। पूजा के बाद इन्हें लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख लें। यह उपाय धन को चुंबकीय रूप से आकर्षित करता है।
2. गोमती चक्र
गोमती चक्र को साक्षात भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र माना जाता है। सात गोमती चक्र लेकर उन्हें लाल रेशमी कपड़े में बांधें। इन्हें तिजोरी में स्थापित करने से न केवल घर के वास्तु दोष दूर होते हैं, बल्कि आपकी फिजूलखर्ची पर भी लगाम लगती है।
3. एकाक्षी नारियल
सामान्य नारियल से अलग ‘एकाक्षी नारियल’ (एक आंख वाला) अत्यंत दुर्लभ और सिद्ध माना जाता है। इसे साक्षात लक्ष्मी का रूप कहा गया है। अक्षय तृतीया की रात इसकी विधिवत पूजा कर तिजोरी में स्थापित करने से घर में अन्न-धन के भंडार कभी खाली नहीं होते।
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4. हल्दी की गांठ
बृहस्पति देव यानी गुरु ग्रह को धन और वैभव का कारक माना जाता है। अक्षय तृतीया की पूजा में रखी गई साबुत हल्दी की गांठ को अपनी तिजोरी के एक कोने में रखें। इससे आपका गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे बैंक बैलेंस में निरंतर वृद्धि होती है।
5. कमलगट्टा
कमल का आसन मां लक्ष्मी को प्रिय है। कमल के बीजों यानी कमलगट्टे की माला या इसके कुछ दाने तिजोरी में रखने से दरिद्रता दूर भागती है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो लंबे समय से कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं।
कैसे करें स्थापना? (पूजा विधि और मुहूर्त)
इन चमत्कारी वस्तुओं को सीधे तिजोरी में न रखें, बल्कि इस विधि का पालन करें:
शुद्धिकरण: सबसे पहले इन वस्तुओं को गंगाजल से शुद्ध करें।
मंत्र शक्ति: अक्षय तृतीया की रात (निशिता काल मुहूर्त) में मां लक्ष्मी के चरणों से स्पर्श कराते हुए ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद’ मंत्र का जप करें।
तिजोरी में स्थापना: पूरी श्रद्धा के साथ इन्हें लाल या पीले साफ कपड़े में लपेटकर अपनी धन रखने वाली जगह पर स्थापित करें।
विशेष टिप: इन उपायों को करते समय मन में पूर्ण विश्वास और माता के प्रति समर्पण भाव रखें, क्योंकि शास्त्र कहते हैं ‘भाव ही देव’ है।
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पूजन मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः ॥
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः॥
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः॥
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।







