अनंत चतुर्दशी और गणपति विसर्जन इस वर्ष 6 सितंबर को शनिवार के संयोग में मनाए जाएंगे। इस दिन भगवान विष्णु और गणपति बप्पा की पूजा के साथ दान-पुण्य का विशेष महत्व रहेगा। काले तिल, तेल, नीले फूल, काले वस्त्र दान और हनुमान जी की पूजा से शनि दोष शांत होगा।
Publish Date: Thu, 04 Sep 2025 12:16:35 PM (IST)
Updated Date: Thu, 04 Sep 2025 12:20:07 PM (IST)
HighLights
- अनंत चतुर्दशी और गणपति विसर्जन 6 सितंबर को हैं।
- इस बार शनिवार का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
- शनिवार को दान करने से शनि दोष शांत होता।
धर्म डेस्क। Anant Chaturdashi Ganpati Visarjan 2025 Daan: हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी और गणपति विसर्जन का विशेष महत्व है। परंपरा के अनुसार दोनों ही पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाए जाते हैं। इस बार पंचांग के अनुसार यह तिथि 6 सितंबर को पड़ रही है।
अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा होती है। गणपति विसर्जन पर भक्त बड़े ही उत्साह के साथ बप्पा को विदा करते हैं। इस साल खास बात यह है कि अनंत चतुर्दशी और गणपति विसर्जन पर शनिवार का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है।
अनंत चतुर्दशी का दुर्लभ संयोग
ज्योतिष शास्त्र में शनिवार को दान-पुण्य का दिन माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान शनि दोष को शांत करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। अनंत चतुर्दशी जैसे पावन पर्व पर शनिवार का संयोग बनता है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन किए गए दान से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। गणपति बप्पा की कृपा भी प्राप्त होती है।
क्या करें दान
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विशेष रूप से काले तिल, सरसों का तेल, नीले फूल और काले वस्त्र का दान करना चाहिए। ऐसा करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है और भाग्य मजबूत होता है।
- हनुमान जी के समक्ष दीपक जलाना भी शुभ माना गया है, क्योंकि शनिदेव पर हनुमान जी की विशेष कृपा रहती है। इस प्रकार अनंत चतुर्दशी और गणपति विसर्जन का यह संयोग भक्तों के लिए शुभ फल और पुण्य प्राप्ति का अवसर लेकर आ रहा है।
अस्वीकरण- इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।







