यहां कोल्हापुर की देवी महालक्ष्मी, तुलजापुर की तुलजा भवानी, माहुर की रेणुका देवी और नासिक की सप्तशृंगी देवी, चौसठ योगिनी की लघु रूप की मूर्तियां विराज…और पढ़ें
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 03:42:08 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 03:51:20 PM (IST)
HighLights
- यहां कोल्हापुर की देवी महालक्ष्मी, तुलजापुर की तुलजा भवानी, माहुर की रेणुका देवी
- और नासिक की सप्तशृंगी देवी, चौसठ योगिनी की लघु रूप की मूर्तियां विराजित हैं।
- सदगुरु अण्णा महाराज की प्रेरणा से वर्ष 2011 में यहां मंदिर की स्थापना की गई।
इंदौर। इंदौर में शक्ति के कई उपासना स्थल हैं। इनके बीच महाराष्ट्र में स्थित साढ़े तीन शक्तिपीठ में विराजित चार देवियों के दर्शन इंदौर के पलसीकर कॉलोनी स्थित दत्त माउली सदगुरु अण्णा महाराज संस्थान स्थित मंदिर में भक्तों को एक साथ होते हैं। यहां कोल्हापुर की देवी महालक्ष्मी, तुलजापुर की तुलजा भवानी, माहुर की रेणुका देवी और नासिक की सप्तशृंगी देवी, चौसठ योगिनी की लघु रूप की मूर्तियां विराजित हैं। यहां भगवान दत्तात्रेय भी विराजमान है।
इतिहास
सदगुरु अण्णा महाराज की प्रेरणा से वर्ष 2011 में यहां मंदिर की स्थापना की गई जिसके बाद से यहां निरंतर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन हेतु आते है। जो भक्त अपनी कुलदेवी के दर्शन करने महाराष्ट्र स्थित शक्तिपीठ नहीं जा सकते उन्हीं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए मंदिर की स्थापना की गई है बताया जाता है कि मां महालक्ष्मी, तुलजा भवानी, रेणुका माता मंदिर पूर्ण पीठ जबकि सप्तशृंगी माता को अर्ध शक्तिपीठ कहा जाता है।
विशेषता
वर्ष भर यहां होने वाले धार्मिक सामाजिक आयोजनों में देश भर से भक्त पहुंचते हैं खासकर गुरु पूर्णिमा, नवरात्रि और दत्त जयंती पर । भक्तों की ऐसी मान्यता है कि पांच गुरुवार यहां दर्शन करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती है। नवरात्र में विशेष श्रृंगार ,अभिषेक एवं पूजन आरती की जाती है । चौसठ योगिनी देवी की 1008 दीपकों से आरती दर्शनीय होती है जिसमे बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं।
एक स्थान पर माता के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन भक्तों को हो सकें, इसलिए साढ़े तीन शक्तिपीठ की स्थापना की गई है। ये सभी शक्तिपीठ महाराष्ट्र में स्थित हैं। इंदौर में ऐसे भक्तों की बड़ी संख्या है जो इन स्थानों पर दर्शन-पूजन के लिए वर्ष में कई बार जाते हैं। उनको अपने शहर में माता के दर्शन और पूजन का लाभ मिलता है।
सद्गुरु अण्णा महाराज
यह स्थान प्रदेशभर में अपने आध्यात्मिक, पारमार्थिक, सामाजिक सेवा के लिए जाना जाता है। संस्थान द्वारा विद्यार्थियों की शिक्षा, कल्याणी तथा कन्याओं के लिए भी विभिन्न कार्य किए जाते हैं। इन सेवा कार्यों से इस उपासना स्थल की पहचान इंदौर के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में है।
अविनाश अत्रे, भक्त







