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चारधाम यात्रा 2026: 19 अप्रैल से शुरू हो रही पावन यात्रा, इस बार बन रहे शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

चारधाम यात्रा 2026: 19 अप्रैल से शुरू हो रही पावन यात्रा, इस बार बन रहे शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में अटूट आस्था का प्रतीक चारधाम यात्रा का इंतजार करोड़ों श्रद्धालुओं को रहता है। मान्यता है कि जीवन में एक बार इन चारों धामों के दर्शन करने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस साल यह पावन यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है।

चारधाम यात्रा शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, चारधाम यात्रा के कपाट हर साल अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर खुलते हैं। पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे प्रारंभ होगी और 20 अप्रैल को सुबह 07:27 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, अक्षय तृतीया का पर्व और यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को ही होगा।

चारों धामों का आध्यात्मिक महत्व

यमुनोत्री धाम: यमुना नदी के इस पावन उद्गम स्थल पर स्नान करने से साधक को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।

गंगोत्री धाम: मां गंगा को समर्पित इस तट पर दर्शन मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।

केदारनाथ धाम: भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, यह धाम भक्तों को महादेव की असीम कृपा और शांति प्रदान करता है।

बद्रीनाथ धाम: जगत के पालनहार भगवान विष्णु का यह धाम पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है।

अक्षय फल देने वाला संयोग

इस साल की यात्रा विशेष है क्योंकि अक्षय तृतीया को ‘स्वयंसिद्ध मुहूर्त’ माना जाता है। ग्रहों के शुभ संयोग इस समय को अत्यंत फलदायी बना रहे हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस काल में किए गए दान, तप और तीर्थ यात्रा का पुण्य कभी समाप्त नहीं होता। यदि आप भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मोक्ष की इस यात्रा पर निकलना चाहते हैं, तो यह मुहूर्त सर्वोत्तम है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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