धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अगस्त का महीना एस्ट्रो और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस माह में दो प्रमुख एस्ट्रो घटनाएं घटित होंगी- पहला 12 अगस्त को पूर्ण सूर्यग्रहण और दूसरा 27-28 अगस्त की मध्य रात्रि को आंशिक चंद्रग्रहण। हालांकि, भारतीय श्रद्धालुओं के लिए राहत की बात यह है कि ये दोनों ही ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे।
भारत में न सूतक लगेगा, न बंद होंगे मंदिरों के पट
धर्मशास्त्रों के नियम के अनुसार, ग्रहण और सूतक की मान्यता केवल उन्हीं स्थानों पर लागू होती है जहां ग्रहण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता है। भारत में अदृश्य होने के कारण यहां किसी भी प्रकार का सूतक काल मान्य नहीं होगा। वहीं, मंदिरों के पट बंद नहीं होंगे। आरती, अभिषेक, भोग, प्रसाद वितरण और दर्शन रोज की तरह सामान्य रूप से चलेंगे। श्रद्धालु बिना किसी बाधा के जप, तप और दान कर सकते हैं।
खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी, अशोक भट्ट के मुताबिक- धर्मशास्त्रों के अनुसार सूतक वहीं माना जाता है जहां ग्रहण दिखाई दे। अगस्त के दोनों ग्रहण भारत में अदृश्य हैं, इसलिए यहां मंदिरों की नियमित आरती, पूजा और अनुष्ठान सामान्य रूप से होंगे।
खगोलीय दृष्टि से क्यों खास हैं दोनों ग्रहण?
भारत में दिखाई न देने के बावजूद, वैश्विक स्तर पर खगोलशास्त्रियों और स्काई वॉचर्स के लिए ये दोनों घटनाएं बेहद खास हैं:
12 अगस्त का पूर्ण सूर्यग्रहण (Total Solar Eclipse):
- ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के कुछ हिस्सों में दिन में ही कुछ मिनटों के लिए पूरी तरह अंधेरा छा जाएगा।
- यूरोप, रूस और उत्तर अटलांटिक क्षेत्रों में यह आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में दिखेगा।
27-28 अगस्त का आंशिक चंद्रग्रहण (Partial Lunar Eclipse):
- यह साल के सबसे गहरे चंद्रग्रहणों में से एक होगा, जिसमें चंद्रमा का लगभग 93% हिस्सा पृथ्वी की प्रच्छाया (गहरी छाया) में छिप जाएगा।
- यह नजारा उत्तर व दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अटलांटिक क्षेत्रों में दिखाई देगा।
12 राशियों पर ज्योतिषीय प्रभाव (ज्योतिषाचार्य मोहित पांडे के अनुसार)
हालांकि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, फिर भी ज्योतिषीय दृष्टि से राशियों पर इसका प्रभाव माना जाता है-
- सचेत रहने वाली राशियां (5): कर्क, सिंह, वृश्चिक, कुंभ और मीन। इन राशि के जातकों को स्वास्थ्य, बेफिजूल खर्चों और पारिवारिक विवादों से सतर्क रहना चाहिए।
- शुभ- अनुकूल राशियां (3): मिथुन, कन्या और धनु। इन्हें करियर, धन लाभ और धार्मिक कार्यों में सफलता मिलेगी।
- सामान्य/मिश्रित राशियां (4): मेष, वृषभ, तुला और मकर। इनके लिए समय मिले-जुले अवसर और यात्राओं वाला रहेगा।
आगे क्या? 2027 में भारत में दिखेगा बड़ा सूर्यग्रहण
इस वर्ष के बाद, 2 अगस्त 2027 को 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्यग्रहण लगने वाला है, जिसकी अधिकतम अवधि 6 मिनट 23 सेकंड होगी। यह ग्रहण भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा, जिसके कारण उस समय देश में सूतक के नियम और धार्मिक मान्यताएं पूरी तरह लागू होंगी।







