भूतड़ी अमावस्या पर क्या करें? (Dos)
इस दिन पुण्य लाभ और पितरों के आशीर्वाद के लिए निम्नलिखित कार्य करने चाहिए-
पवित्र स्नान – सुबह किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ होता है। यदि बाहर जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
तर्पण व श्राद्ध – पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण या श्राद्ध कर्म संपन्न करें। इससे रुके हुए कार्यों में सफलता मिलती है।
दान-पुण्य – अमावस्या पर सामर्थ्य अनुसार अन्न, वस्त्र या तिल का दान जरूरतमंदों को करना चाहिए।
पीपल पूजा – पीपल के वृक्ष की पूजा करें और शाम के समय वहां सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और पितर प्रसन्न होते हैं।
भूलकर भी न करें ये काम (Don’ts)
नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें-
सुनसान जगहों से दूरी – माना जाता है कि भूतड़ी अमावस्या की रात नकारात्मक शक्तियां प्रभावी रहती हैं, इसलिए रात के समय अकेले सुनसान रास्तों पर जाने से बचें।
सात्विक आहार – इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन का त्याग करें।
बाल और नाखून काटना वर्जित – शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या तिथि पर बाल काटना, शेविंग करना या नाखून काटना धन हानि का कारण बन सकता है।
कलह से बचें – घर में क्लेश न करें और किसी को अपशब्द न बोलें। मन को शांत और सात्विक रखें, अन्यथा नकारात्मकता घर में प्रवेश कर सकती है।
देर तक न सोएं – अमावस्या के दिन सूर्योदय के बाद देर तक सोना अशुभ माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर ईश्वर का ध्यान करना श्रेयस्कर है।







