भारत के अधिकांश हिस्सों में यह ग्रहण चंद्रोदय (Moonrise) के समय दिखाई देगा। श्रद्धा और विज्ञान के इस अनोखे संगम को लेकर लोगों के मन में कई जिज्ञासाएं होती हैं।
यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं चंद्र ग्रहण से जुड़े ऐसे ही 15 प्रमुख सवाल और उनके जवाब…
चंद्र ग्रहण: अक्सर पूछे जाने वाले 15 सवाल (FAQs)
1. 3 मार्च 2026 को लगने वाला ग्रहण किस प्रकार का है?
यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) है। इसमें पृथ्वी की पूरी छाया चंद्रमा को ढक लेती है।
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2. भारत में इस ग्रहण का समय क्या है?
भारतीय समयानुसार (IST) ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3:20 बजे होगी और यह शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। हालांकि, भारत में यह चंद्रोदय के समय ही दिखाई देना शुरू होगा।
3. क्या यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा?
हाँ, यह पूरे भारत में दिखाई देगा, लेकिन अधिकांश हिस्सों में केवल अंतिम चरण (आंशिक चरण) ही दिखेगा क्योंकि उस समय चंद्रमा उदय हो रहा होगा। पूर्वोत्तर राज्यों में यह बेहतर दिखेगा।
4. सूतक काल कब से शुरू होगा?
चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। 3 मार्च को सूतक काल सुबह लगभग 6:20 बजे से शुरू होगा।
5. ‘ब्लड मून’ क्या होता है?
पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान जब पृथ्वी, सूर्य की रोशनी को चंद्रमा तक पहुँचने से रोक देती है, तब पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर केवल लाल रोशनी चंद्रमा तक पहुँचती है, जिससे वह गहरा लाल या तांबे जैसा दिखता है। इसे ही ‘ब्लड मून’ कहते हैं।
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6. क्या चंद्र ग्रहण देखना आंखों के लिए सुरक्षित है?
हां, सूर्य ग्रहण के विपरीत चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। इसके लिए किसी विशेष चश्मे या फिल्टर की जरूरत नहीं होती।
7. क्या ग्रहण के दौरान भोजन करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक और ग्रहण के समय भोजन वर्जित माना जाता है, हालांकि विज्ञान इसे केवल एक खगोलीय घटना मानता है और भोजन को लेकर किसी खतरे की पुष्टि नहीं करता।
8. गर्भवती महिलाओं को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
लोक मान्यताओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बाहर निकलने या नुकीली वस्तुओं का प्रयोग करने से मना किया जाता है, परंतु वैज्ञानिक आधार पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव प्रमाणित नहीं है।
9. चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा को ही क्यों होता है?
क्योंकि चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के एक सीधी रेखा में आने की स्थिति केवल पूर्णिमा (Full Moon) के दिन ही बनती है।
10. क्या हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण होता है?
नहीं, क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा के सापेक्ष लगभग 5 डिग्री झुकी हुई है, इसलिए हर पूर्णिमा को तीनों एक सीधी रेखा में नहीं आ पाते।
11. ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट क्यों बंद कर दिए जाते हैं?
हिंदू धर्म में ग्रहण को ‘अशुभ काल’ माना जाता है, इसलिए सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और शुद्धि के लिए पूजा-पाठ नहीं किया जाता।
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12. ग्रहण के बाद क्या करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।
13. यह ग्रहण भारत के अलावा और कहां दिखेगा?
यह ग्रहण एशिया के अन्य देशों, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका और प्रशांत महासागर के क्षेत्रों में भी दिखाई देगा।
14. क्या ग्रहण का असर राशियों पर भी पड़ता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। इस बार यह ग्रहण ‘सिंह राशि’ में लग रहा है।
15. अगला चंद्र ग्रहण कब होगा?
इस साल का अगला आंशिक चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा, लेकिन वह भारत में दिखाई नहीं देगा।
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सोर्स: यह जानकारी इंटरनेट सर्च और प्रचलित खगोलीय व धार्मिक मान्यताओं के आधार पर जुटाई गई है।
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