चार धाम यात्रा 2026 शुरू हो गई है। मान्यता है कि हरिद्वार में गंगा स्नान और बद्रीनाथ के माणा गांव के दर्शन के बिना यह यात्रा अधूरी रहती है। …और पढ़ें
Publish Date: Thu, 23 Apr 2026 03:53:09 PM (IST)Updated Date: Thu, 23 Apr 2026 03:53:09 PM (IST)
HighLights
- यहां दर्शन के बिना अधूरी है चार धाम यात्रा
- जाने से पहले जरूर जान लें ये नियम
- जानें इस जगह से क्यों होती है शुरुआत
नईदुनिया डेस्क। हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक चार धाम यात्रा है और हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने आते हैं। हिंदू धर्म में पवित्र चार धामों की यात्रा शुरू हो गई है।
बता दें कि चार धाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन किए जाते हैं। 19 अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री की यात्रा शुरू हुई और 22 अप्रैल को केदारनाथ के कपाट खुलेंगे। इसके बाद 23 अप्रैल को बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे।
मोक्ष की प्राप्ति और यात्रा की शुरुआत
चार धाम यात्रा को मोक्षदायिनी यात्रा भी कहा गया है और मान्यता है कि जो व्यक्ति चार धाम यात्रा करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। चार धाम यात्रा की शुरुआत हरिद्वार से होती है और यहां गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु चार धाम यात्रा शुरू करते हैं।
कहते हैं कि गंगा में स्नान करने से जातकों के सभी पाप मिट जाते हैं और आत्मा की भी शुद्धि होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरिद्वार में गंगा स्नान किए बिना चार धाम यात्रा अधूरी मानी जाती है और यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।
इन स्थानों के दर्शन हैं बेहद जरूरी
मान्यता है कि गंगा स्नान के बाद ही इस पवित्र यात्रा की शुरुआत करनी चाहिए। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि बद्रीनाथ धाम के पास स्थित माणा गाँव, भीम पुल और व्यास गुफा के दर्शन किए बिना भी यात्रा का पूर्ण फल नहीं मिलता। अतः श्रद्धालुओं को इन स्थानों पर दर्शन करना बेहद जरूरी बताया गया है।
नोट – यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। नईदुनिया इसकी पुष्टि नहीं करता। इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।







