Diwali 2025: ज्योतिर्विद विनायक तिवारी के अनुसार 14 अक्टूबर मंगलवार को पुष्य नक्षत्र सुबह 11.54 से बुधवार दोपहर 12 बजे तक रहेगा। पुष्य नक्षत्रों को नक्षत्रों का राजा बताया गया है। इस नक्षत्र में सोना और चांदी की खरीदी को सबसे शुभ माना जाता है जो सुख-समृद्धि की देवी महालक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है। साथ ही जमीन, मकान और वाहन की खरीदारी भी लाभकारी मानी गई है।
Publish Date: Fri, 03 Oct 2025 08:30:46 PM (IST)
Updated Date: Fri, 03 Oct 2025 08:30:46 PM (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। दीपावली पर महालक्ष्मी पूजन से पांच दिन पहले खरीदी का महा मुहूर्त पुष्य नक्षत्र 14 एवं 15 अक्टूबर को 24 घंटे 6 मिनिट रहेगा। ज्योतिर्विदों के अनुसार खरीदी के इस महा मुहूर्त पर सिद्ध और साध्य योग रहेगा। नक्षत्रों का राजा पुष्य मंगलवार को दिवस पर्यंत एवं बुधवार को उदयातिथि में रहने से चल-अचल संपत्ति की खरीदी स्थाई फल प्रदान करेंगी। इस दौरान सोना-चांदी, भूमि-भवन, वाहन के साथ ही अन्य चल-अचल संपत्ति कल्याणकारी रहेगी। इस अवसर पर शहर के नए-पुराने बाजारों में खरीदार उमड़ेंगे।
सुबह 11.54 से बुधवार दोपहर 12 बजे तक रहेगा महा मुहूर्त
ज्योतिर्विद विनायक तिवारी के अनुसार 14 अक्टूबर मंगलवार को पुष्य नक्षत्र सुबह 11.54 से बुधवार दोपहर 12 बजे तक रहेगा। पुष्य नक्षत्रों को नक्षत्रों का राजा बताया गया है। इस नक्षत्र में सोना और चांदी की खरीदी को सबसे शुभ माना जाता है जो सुख-समृद्धि की देवी महालक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है। साथ ही जमीन, मकान और वाहन की खरीदारी भी लाभकारी मानी गई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सामग्री एवं वाहन के साथ ही घरेलू उपयोगी सामग्री की खरीदारी भी समृद्धि दायक बताई गई।
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पुष्य नक्षत्र इसलिए महत्वपूर्ण
ज्योतिर्विद पं. विजय त्रिवेदी कहते है कि पुष्य नक्षत्र को मां लक्ष्मी का जन्म नक्षत्र बताया गया है। इसके चलते इस दिन धन और एश्वर्य की देवी लक्ष्मी को अपने घर आमंत्रित करने सर्वोत्तम अवसर माना जाता है। इस दिन सोना या अन्य धातु या घर लाई गई चल-अचल संपत्ति प्रतीक रूप में लक्ष्मी का आगमन है। इससे घर में स्थाई रूप में सुख-समृद्धि की वास होता है।







