देवगुरु बृहस्पति का महत्व
देवताओं के गुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, धन और सद्बुद्धि का कारक माना गया है। गुरु ग्रह धनु और मीन राशि का स्वामी होता है, जबकि कर्क राशि में गुरु उच्च के माने जाते हैं। भगवान विष्णु की सच्चे मन से पूजा करने पर बृहस्पति देव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और साधक को शुभ फल प्रदान करते हैं।
गुरु दोष दूर करने के उपाय
केसर युक्त दूध से अभिषेक
गुरुवार के दिन स्नान के बाद भगवान विष्णु का केसर मिले दूध से अभिषेक करें। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होने लगती हैं।
गुरुवार का व्रत रखें
देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए गुरुवार का व्रत रखें और भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें। मान्यता है कि इससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पीली वस्तुओं का दान करें
गुरु दोष से मुक्ति के लिए हर गुरुवार पीले रंग की वस्तुओं का दान करें, जैसे हल्दी, चने की दाल, पीले फल, फूल या पीला चंदन।
केसर युक्त दूध का सेवन
गुरुवार के दिन केसर मिला दूध पीना भी शुभ माना जाता है। इससे मानसिक शांति मिलती है और गुरु की कृपा बनी रहती है।
पुखराज धारण करें
ज्योतिष सलाह के अनुसार पुखराज रत्न धारण करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है। हालांकि, रत्न धारण करने से पहले किसी जानकार ज्योतिषी की सलाह जरूर लें।
इन उपायों को नियमित रूप से करने पर गुरु दोष के नकारात्मक प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगते हैं और जीवन में सफलता, स्थिरता और खुशहाली आती है।
गुरु हेतु मंत्र
1. ॐ गुरवे नमः”
2. ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
3. ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
4. शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥
5. मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥







