Support Parmarth TV.  You can send any amount on our UPI Id: 9643218008m@pnb. 

पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही महंगाई की गर्मी जारी है: Jully | Parmarth TV PM Kisan Scheme: एक ही खतौनी में कई भाइयों के नाम होने पर भी सभी को मिलेगा योजना का लाभ, पूरी करनी होगी ये शर्तें | Parmarth TV जल्द ही खत्म होगी US-Iran जंग, इस समझौते पर हैं दोनों देश सहमत! इसका है इंतजार | Parmarth TV अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो पत्नी के साथ पहुंचे आमेर, राजस्थानी अंदाज में किया स्वागत | Parmarth TV सोने और चांदी में लौटी तेजी; कीमतें 5,100 रुपए तक बढ़ीं – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV क्या पेट्रोल-डीजल के बाद बढ़ने वाली है घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमत? | Parmarth TV 15 साल बाद मॉन्कटन की संस्था ने खोला अपना निःशुल्क कपड़ों का भंडार | Parmarth TV Maharashtra: स्कॉर्पियो गहरी खाई में गिरी, 8 लोगों की मौत | Parmarth TV Gold-Silver Prices: 3,754 रुपए महंगी हुई चांदी, इतने बढ़ गए है सोने के दाम, आज ये है रेट | Parmarth TV अभिनेता धर्मेंद्र के गांव नसराली का नौजवान कनाडा में बना जज | Parmarth TV

Hanuman jayanti 2026: कलयुग में कहां निवास करते हैं हनुमान, जानें हनुमान जी के जीवन के अनसुने रहस्य

Hanuman jayanti 2026: कलयुग में कहां निवास करते हैं हनुमान, जानें हनुमान जी के जीवन के अनसुने रहस्य

मनोज दुबे, धर्म डेस्क। हनुमान जी के रहस्य और उनकी शक्तियां असीम हैं। वे भगवान शिव के रुद्रावतार (11वें रुद्र) हैं, जो माता अंजनी और केसरी के पुत्र होने के साथ-साथ ‘पवनपुत्र’ भी कहलाते हैं। वे अष्टसिद्धि और नवनिधि के दाता हैं, जो चिरंजीवी (अमर) हैं और आज भी भगवान राम की भक्ति में लीन हैं।

हनुमान जी के अनसुने रहस्य, अमरता और वर्तमान उपस्थिति

हनुमान जी चिरंजीवी हैं, यानी वे आज भी जीवित हैं और कलयुग के अंत तक पृथ्वी पर ही रहेंगे। मान्यता है कि गंधमादन पर्वत पर वे निवास करते हैं।

शिव का रुद्रावतार पौराणिक कथाओं के अनुसार, विष्णु जी की मोहिनी छवि को देखने के लिए शिवजी ने जो अवतार लिया, वही हनुमान जी के रूप में प्रसिद्ध हुआ। वे भगवान शिव के रुद्रांश हैं।

अष्टसिद्धि और नवनिधि के स्वामी

हनुमान जी को अष्टसिद्धि और नवनिधि प्राप्त है। वे आकार को छोटा (अणिमा) या बड़ा (महिमा) करने, कहीं भी आने-जाने (प्राप्ति) जैसी शक्तियां रखते हैं।

हनुमान जी से जुड़ा सिंदूर का रहस्य

हनुमान जी के शरीर पर सिंदूर चढ़ाने के पीछे एक कथा है। एक बार माता सीता को मांग में सिंदूर लगाते देख हनुमान जी ने कारण पूछा। सीता माता ने कहा कि इससे श्रीराम की उम्र बढ़ती है। हनुमान जी ने पूरा शरीर सिंदूर से रंग लिया ताकि राम जी की उम्र और भी बढ़ जाए।

राम से भी पहले के भक्त

ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी त्रेतायुग में रामभक्त, द्वापर युग में भीम के भाई (अंजनीपुत्र होने के कारण) और कलयुग में तुलसीदास जी के गुरु के रूप में प्रकट हुए। हनुमान जी न केवल बलवान, बल्कि वेदों के ज्ञाता भी थे।

हनुमान जी ने क्यों धारण किया पंचमुखी रूप

हनुमान जी ने पांच दिशाओं (पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और ऊर्ध्व) में राक्षसों का संहार करने के लिए पंचमुखी रूप धारण किया था, जिसमें नृसिंह, गरुड़, वराह, हयग्रीव और हनुमान शामिल हैं। हनुमान जी के इन रहस्यों को जानकर उनके प्रति भक्तों की श्रद्धा और अधिक बढ़ जाती है। उनके भक्त उन्हें संकटमोचन के रूप में पूजते हैं जो हर प्रकार के कष्ट हर लेते हैं।

naidunia_image

काले हनुमान जी की क्या है कथा

हनुमान जी का रंग मुख्य रूप से सिंदूरी (लाल) माना जाता है, लेकिन भारत में कई प्राचीन मंदिरों में उनकी काले रंग की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। इन काले हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से तेलंगाना (निजामाबाद), राजस्थान (जयपुर), और उत्तर प्रदेश (रायबरेली/रामनगर) में की जाती है।

शनिदेव का प्रभाव: एक पौराणिक कथा के अनुसार, जब हनुमान जी गुरु दक्षिणा में शनिदेव को सूर्यदेव के पास ला रहे थे, तब शनिदेव की वक्र दृष्टि (क्रोध) के कारण हनुमान जी का रंग काला पड़ गया था।

naidunia_image

यह भी पढ़ें- हनुमान जी का शरीर क्यों हो गया था काला? जानिए काले हनुमान जी के दर्शन-पूजन से शनिदोष मिटने की कहानी

हनुमान जी के काले रंग की एक मान्यता ये भी

प्रभु श्रीराम के बाण का प्रभाव: एक मान्यता यह भी है कि जब श्रीराम ने समुद्र से रास्ता मांगने के लिए बाण तान दिया था, तो हनुमान जी उसे रोकने के लिए घुटने के बल बैठ गए थे। बाण की तीव्र ऊर्जा से हनुमान जी का रंग काला हो गया।

Trending News