धर्म डेस्क। ज्योतिषशास्त्र में खरमास को बेहद खास माना गया है। जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब से खरमास की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इस दौरान सूर्य की ऊर्जा कमजोर रहती है, इसलिए शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
खरमास में क्या करें?
1. दान-पुण्य करें
खरमास में दान को अत्यंत शुभ माना गया है। आप अपनी क्षमता अनुसार, अन्न, धन, काले चने, लाल कपड़े, तिल, गुड़ का दान कर सकते हैं। माना जाता है कि इससे साधक को धन, वैभव और सौभाग्य प्राप्त होता है।
2. केसर और पीली चीजों का दान
सूर्य और बृहस्पति देव की कृपा पाने के लिए केसर, पीली दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, केले या अन्य पीले फल का दान करना शुभ फल देता है। इससे कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होने लगती हैं।
3. धार्मिक कार्य और पूजा-पाठ
खरमास में धार्मिक गतिविधियाँ अत्यंत फलदायी मानी जाती हैं। आप तीर्थ यात्रा, घर में भगवत गीता का पाठ, सत्यनारायण कथा का आयोजन कर सकते हैं। ऐसा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
खरमास में क्या न करें?
खरमास के दौरान शुभ कार्यों पर रोक रहती है। इस अवधि में ये काम नहीं किए जाते-
विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार, नया घर, गाड़ी या प्रॉपर्टी खरीदना, किसी नए काम या बिज़नेस की शुरुआत नहीं की जाती है।
मान्यता है कि इस दौरान शुरू किए गए शुभ कार्य फलीभूत नहीं होते या बाधाओं का सामना करवाते हैं।







