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Putrada Ekadashi 2025: पुत्रदा एकादशी व्रत पर जरूर करें ये काम, मिलेंगे शुभ परिणाम

Putrada Ekadashi 2025: पुत्रदा एकादशी व्रत पर जरूर करें ये काम, मिलेंगे शुभ परिणाम

Putrada Ekadashi 2025 Date: पुत्रदा एकादशी हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है। यह 5 अगस्त 2025 को देशभर में श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। भगवान विष्णु की आराधना इस दिन का मुख्य हिस्सा है। मान्यता है कि इस व्रत से न केवल संतान सुख मिलता है, बल्कि परिवार में सुख-समृद्धि भी आती है।

By Akash Sharma

Publish Date: Thu, 31 Jul 2025 01:04:57 PM (IST)

Updated Date: Thu, 31 Jul 2025 01:51:10 PM (IST)

Putrada Ekadashi 2025: पुत्रदा एकादशी 5 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी।

HighLights

  1. पुत्रदा एकादशी 5 अगस्त 2025 को है।
  2. जानें पुत्रदा एकादशी व्रत का महत्व।
  3. भगवान विष्णु को समर्पित है एकादशी तिथि।

धर्म डेस्क, इंदौर: हिंदू धर्म में पुत्रदा एकादशी (Putrada Ekadashi 2025) अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह व्रत संतान प्राप्ति और संतान के कल्याण के लिए किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूरी होती है और संतान को दीर्घायु, सुख व समृद्धि मिलती है।

आगामी 5 अगस्त 2025 को पुत्रदा एकादशी मनाई जाएगी। पुत्रदा एकादशी साल में दो बार आती है एक सावन में और दूसरी पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस व्रत का उल्लेख पुराणों में मिलता है, जहां इसे पापों का नाश करने वाला और मोक्ष प्रदान करने वाला बताया गया है। आइए जानते हैं कि इस दिन क्या उपाए करने चाहिए जिससे ईश कृपा बनी रहे-

व्रत के उपाय और विधि

पुत्रदा एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र के समक्ष दीप जलाएं। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और तुलसी पत्र, चंदन व फूल अर्पित करें। अगर संभव हो तो निर्जला या फलाहारी व्रत रखें। इसके साथ ही संतान प्राप्ति के लिए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। यह व्रत दांपत्य जीवन में सुख-शांति लाता है।

पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है

पुराणों में वर्णित कथाओं के अनुसार, इस व्रत से भक्तों के पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्रत न केवल धार्मिक, बल्कि मानसिक शांति और पारिवारिक एकता को भी बढ़ावा देता है। देशभर के मंदिरों में इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा।

पुत्रदा एकादशी पर इन स्थानों पर जलाएं दीपक

  • इस दिन सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास देसी घी का दीपक जलाना चाहिए।
  • हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, पीपल के पेड़ में देवताओं का वास माना जाता है। ऐसे में यदि आप सावन की पुत्रदा एकादशी पर पीपल के पेड़ पर दीपक जलाते हैं, तो इससे आपको शुभ परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
  • एकादशी के दिन घर के मुख्य द्वार पर भी दीपक जलाना काफी शुभ माना गया है।
  • हिंदू धर्म में रसोई घर में मां अन्नपूर्णा का वास माना जाता है। एकादशी के दिन रसोई में मटके के पास दीपक जलाकर लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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