Shani Vakri Meen Rashi: ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता शनिदेव 26 जुलाई रात 11 बजकर 55 मिनट पर मीन राशि में वक्री होंगे।
Publish Date: Wed, 08 Jul 2026 08:02:37 AM (IST)Updated Date: Wed, 08 Jul 2026 08:14:28 AM (IST)
HighLights
- इस दौरान विश्व राजनीति में कूटनीतिक प्रभाव बढ़ेगा
- युद्ध उन्मादी देशों के बीच शांति की पहल होगी
- भूस्खलन, भूकंप और अतिवृष्टि जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता कहे जाने वाले शनिदेव 26 जुलाई को रात 11 बजकर 55 मिनट पर मीन राशि में वक्री होंगे। शनि का वक्रत्वकाल (Saturn Retrograde 2026) करीब 140 दिन का रहेगा। शनि के वक्री होते ही युद्ध उन्मादी राष्ट्रों के बीच संधि होगी। बारह राशियों पर भी इसका प्रभाव दृष्टि गोचर होगा। कुछ राशियों के जातकों को कठिनाई का सामना भी करना पड़ सकता है।
ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया मीन राशि में शनि का वक्रत्व काल (Shani Vakri) 140 दिन का रहता है, किंतु कभी-कभी गोचर चक्र में 10-12 दिन का अंतर आ जाता है। ग्रह गोचर की गणना के अनुसार 26 जुलाई को मध्य रात्रि में वक्री होने वाले शनि, 10 दिसंबर को मार्गी होंगे। इस कालखंड में शनिदेव का अलग-अलग ग्रहों के साथ गोचर तथा दृष्टि संबंध बनेगा। जिसका प्रभाव समय-समय पर अलग-अलग प्रकार के दिखाई देगा।
राष्ट्र सहयोग के लिए साथ आएंगे
शनि के वक्री होने पर इस बार विश्व राजनीति में कूटनीतिक प्रभाव समाने आएंगे। फिर चाहे विकसित राष्ट्र हो, विकासशील अथवा अविकसित देश सभी अपनी-अपनी सीमाओं की सुरक्षा तथा आंतरिक संवर्धन की उपलब्धियों को बढ़ाने पर चिंतन करेंगे।
इसके लिए एक दूसरे राष्ट्र सहयोग के लिए साथ आएंगे। यह समय युद्ध उन्मादी राष्ट्रों के मध्य शांति स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण साबित होगा। भारतीय न्याय प्रणाली में संशोधन तथा धर्म अध्यात्म से जुड़े विषयों के लिए भी यह समय उल्लेखनीय रहेगा।
प्राकृतिक दृष्टिकोण से असंतुलन की स्थिति बनेगी
शनि के वक्रत्वकाल के दौरान कुछ अन्य ग्रह जल-चर राशि में परिभ्रमण करेंगे, इसका प्रभाव प्राकृतिक असंतुलन के रूप में दिखाई देगा। मसलन प्राकृतिक आपदा के रूप में भूस्खलन, भूकंप, अतिवृष्टि आदि घटना बढ़ेगी। इसका सर्वाधिक असर पश्चिम दिशा से जुड़े राष्ट्रों में दिखाई देगा।
बारह राशियों पर ऐसा रहेगा असर
- मेष : ज्यादा सोचने से बचें, चिंता बढ़ सकती है।
- वृषभ : आकस्मिक लाभ की प्राप्ति होगी, प्रयास करें।
- मिथुन : पदोन्नति व स्थान प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे।
- कर्क : विभिन्न प्रकार की स्थितियां भ्रमित करेंगी, जल्दबाजी न करें।
- सिंह : रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे, विशेष प्रयास करना होंगे।
- कन्या : मित्रों के कार्यों से प्रेरणा लेकर उपलब्धि हांसिल करेंगे।
- तुला : पहले से किए जा रहे प्रयासों में तेजी लाएं, कार्य सिद्ध होंगे।
- वृश्चिक : वित्तीय मामलों में सावधानी बरतें, अटके काम पूरे होंगे।
- धनु : भावनात्मक लगाव सफलता में बाधक बन सकता है।
- मकर : मेहनत भी करना पड़े तो अवसर को जाने ना दें लाभ मिलेगा।
- कुंभ : बाहरी यात्रा आर्थिक समस्या का निराकरण करेगी।
- मीन : कोई भी निर्णय लेने से पहले शांति से विचार करें।
यह भी पढ़ें : 15 जुलाई से गजकेसरी योग और बुध पुष्य नक्षत्र में शुरू होंगे गुप्त नवरात्र, तंत्र-मंत्र सिद्धि से होगा चमत्कार







