उत्पन्ना एकादशी पर क्या करें? (Utpanna Ekadashi 2025 Par Kya Karen?)
1. दशमी की रात सात्विक भोजन करें- एकादशी से एक दिन पूर्व केवल सात्विक भोजन लें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
2. सूर्योदय से पहले स्नान करें- पवित्र नदी या घर पर गंगाजल मिले जल से स्नान कर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
3. भगवान विष्णु की पूजा करें- भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और देवी एकादशी की प्रतिमा स्थापित कर पुष्प, धूप, दीप और तुलसी पत्र अर्पित करें।
4. तुलसी पूजा करें- शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाएं। ध्यान रहे, तुलसी को स्पर्श न करें।
5. कथा और जागरण करें- एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें और रात्रि में भजन-कीर्तन करते हुए जागरण करें।
6. द्वादशी पर पारण करें- अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन कराकर और दान देकर व्रत का समापन करें।
उत्पन्ना एकादशी पर क्या न करें?
1. चावल, जौ और दाल न खाएं- ऐसा करने से व्रत का फल नष्ट होता है।
2. तामसिक भोजन वर्जित है- प्याज, लहसुन, मांसाहार और नशे का सेवन व्रत को अशुद्ध करता है।
3. क्रोध और निंदा से बचें- इस दिन किसी के प्रति द्वेष या अपशब्द न बोलें।
4. तुलसी पत्ते न तोड़ें- तुलसी पूजा के लिए पत्ते एक दिन पहले ही तोड़ लें।
5. ब्रह्मचर्य का पालन करें- यह दिन संयम और आत्मशुद्धि का प्रतीक है।
यह भी पढ़ें- Utpanna Ekadashi 2025: तुलसी माता के इन उपायों से प्रसन्न होंगी लक्ष्मी, श्री हरि विष्णु करेंगे हर मनोकामना पूर्ण
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।







