इंटरनेट डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर से बड़ा बयान दिया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक साक्षात्कार में अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका का ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने का कोई इरादा नहीं है और न ही वे वहां जमीनी सेना भेजने के पक्ष में हैं। खबरों के अनुसार, साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका विश्व की सबसे बड़ी परमाणु महाशक्ति है, जिसके बाद रूस और चीन का नंबर आता है, लेकिन ईरान के खिलाफ ऐसे घातक हथियारों का इस्तेमाल करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स के संभावित उपयोग की खबरों पर ट्रंप ने कहा कि यह कोई परमाणु या टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियार नहीं है। ये एक बेहद शक्तिशाली और बहुत बड़ा पारंपरिक बम है, जिसका असर एक छोटे परमाणु विस्फोट जैसा हो सकता है, लेकिन इसमें कोई परमाणु तत्व नहीं होते हैं। उन्होंने एक बार फिर से दोहरा दिया कि ईरान जैसे देश के साथ किसी भी संघर्ष में उसे परमाणु विकल्प चुनने की कोई मजबूरी या जरूरत नहीं है। वो ईरान में अमेरिकी सैनिकों को जमीन पर उतारने की जरूरत नहीं देखते।
रूसी इलाके में यूक्रेन द्वारा चुने गए टारगेट पर भी कड़ी आपत्ति जताई
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूसी इलाके में यूक्रेन द्वारा चुने गए टारगेट पर भी कड़ी आपत्ति जताते हुए बोल दिया कि अन्य प्रकार के लक्ष्यों के बजाय डीजल रिफाइनरियों को निशाना बनाना बेहद गैर जिम्मेदाराना है। पूरी दुनिया और वैश्विक अर्थव्यवस्था अभी डीजल ईंधन पर निर्भर है, इसलिए ऊर्जा उत्पादन सुविधाओं को नष्ट करके, यूक्रेनी नेतृत्व दुनिया का कोई भला नहीं कर रहा है।
PC: aljazeera
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