इंटरनेट डेस्क। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस बाराखंभा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च को लेकर बड़ा झटक लगा है। इस मामले में अब राहुल गांधी और कांग्रेस को नोटिस जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर के विरोध प्रदर्शन और मार्च से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आज कहा कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डराने या धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता। वहीं उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और 13 अन्य की याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग को भी नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना बोल दिया कि याचिकाकर्ताओं में से एक से उसके आचरण के बारे में सवाल करना चाहते हैं। उन्हें सफाई देनी होगी। आपको बता दें कि याचिका दायर करने से पहले इंडिया गठबंधन ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था।
केंद्र सरकार ने इंटरनेट बंद करने के मामले में मांगी थी न्यायालय से बिना शर्त माफी
वहीं उच्चतम न्यायालय ने आज सीजेपी प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशन और इंटरनेट बंद करने और जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के मामले पर सुनवाई की है। न्यायालय ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सरकार को इस मामले में जवाब देना होगा। वहीं जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने के फैसले पर भी केन्द्र सरकार को नोटिस दिया है। न्यायाल ने सीजेपी प्रदर्शन के दिन के सभी CCTV फुटेज संभालकर रखने को कहा है। आपको बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में इंटरनेट बंद करने के मामले में न्यायालय से बिना शर्त माफी मांगी थी।
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