Parmarth TV
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर से अरावली को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने आज सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश की भजनलाल सरकार से पर्यावरण के हित और आमजन की भावना को समझते हुए अरावली का संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की है।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने आज इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि अरावली राजस्थान की जीवनरेखा है। सुप्रीम कोर्ट की उच्चस्तरीय समिति 11 से 13 अक्टूबर को डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर का दौरा करेगी और 12 अक्टूबर को बांसवाड़ा के टीएडी सभागार में सार्वजनिक परामर्श होगा।
नागरिक, पंचायत प्रतिनिधि, किसान और पर्यावरण प्रेमी वहां अपनी बात जरूर रखें
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि पिछली बार समिति के दौरे में आमजन और पर्यावरण प्रेमियों की बात नहीं सुने जाने की शिकायतें उठी थीं। आशा है इस बार उनकी चिंताएं सुनी जाएंगी। मेरी अपील है कि नागरिक, पंचायत प्रतिनिधि, किसान और पर्यावरण प्रेमी वहां अपनी बात जरूर रखें।
100 मीटर की परिभाषा को स्थानीय जनता पहले ही खारिज कर चुकी है
तीन बार राजस्थान के सीएम रह चुके अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि 100 मीटर की परिभाषा को स्थानीय जनता पहले ही खारिज कर चुकी है, जिससे राजस्थान की ज्यादातर पहाड़ियां संरक्षण से बाहर हो जातीं। उसी विरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगाई। राज्य सरकार को पर्यावरण के हित और आमजन की भावना को समझते हुए अरावली का संरक्षण सुनिश्चित करना चाहिए। अशोक गहलोत इससे पहले भी अरावली को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे चुके हैं।
PC: hindi.oneindia
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