भारतीय संस्कृति और हिंदू परंपरा में बाएं (उल्टे) हाथ से पैसों का लेन-देन करने से मना किया जाता है। इसके पीछे स्वच्छता की मान्यता, मां लक्ष्मी का सम्मा…और पढ़ें
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 06:22:36 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 06:22:36 PM (IST)
HighLights
- बाएं हाथ से पैसे दोना अशुभ माना जाता है
- इससे मां लक्ष्मी का अनादर होता है
- इसका आदर, स्वच्छता और धार्मिक महत्व
धर्म डेस्क। भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में सदियों से कई परंपराओं का पालन किया जा रहा है। इनमें से एक सबसे आम नियम पैसों के लेन-देन से जुड़ा है। आपने अक्सर घर के बड़े-बुजुर्गों को टोकते हुए सुना होगा कि “उल्टे (बाएं) हाथ से पैसे मत दो!” लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे असल वजह क्या है?
आइए जानते हैं इसके पीछे छिपे सांस्कृतिक और धार्मिक कारण:
साफ-सफाई और अपवित्रता की मान्यता
पारंपरिक तौर पर बाएं हाथ का इस्तेमाल शौच और शरीर की साफ-सफाई (Personal Hygiene) के लिए किया जाता है। इसी वजह से किसी भी शुभ कार्य या पैसों के लेन-देन के लिए इसे अपवित्र यानी अशुद्ध माना जाता है।
मां लक्ष्मी के रूठने का डर
हिंदू धर्म में धन (पैसों) को साक्षात देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। ऐसी गहरी मान्यता है कि अशुद्ध माने जाने वाले बाएं हाथ से पैसों का लेन-देन करने से मां लक्ष्मी का अपमान होता है और वे नाराज हो जाती हैं।
सामने वाले के सम्मान से जुड़ा है मामला
शिष्टाचार के नजरिए से देखें तो किसी को उल्टे हाथ से कोई भी चीज देना (चाहे वह पैसा हो या अन्य सामान) सामने वाले व्यक्ति के प्रति अनादर (Disrespect) का प्रतीक माना जाता है। इसके विपरीत, सीधे हाथ से चीजें देना आदर और अच्छे संस्कारों को दर्शाता है।
सीधे हाथ का धार्मिक और शुभ महत्व
हमारी संस्कृति में पूजा-पाठ, भोजन करना, दान देना या कोई भी शुभ काम हमेशा सीधे हाथ (Right Hand) से ही किया जाता है। सीधे हाथ को ज्यादा पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ माना गया है। यही कारण है कि शुभता और शिष्टाचार को बनाए रखने के लिए पैसों का लेन-देन भी हमेशा सीधे हाथ से ही करने की सलाह दी जाती है।







