Kajari Teej: हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 30 अगस्त की रात नौ बजकर 36 मिनट से शुरू हुई। 31 अगस्त की रात 8 बजकर 50 मि…और पढ़ें
Publish Date: Mon, 31 Aug 2026 02:03:24 PM (IST)Updated Date: Mon, 31 Aug 2026 02:06:46 PM (IST)
HighLights
- कजरी तीज, अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं रखेंगी व्रत।
- 31 अगस्त की रात 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगी।
- व्रत और पूजन 31 अगस्त सोमवार को किया जाएगा।
धर्म डेस्क। रक्षाबंधन के तीन दिन बाद भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर कजरी तीज मनाई जाती है। कजरी तीज का व्रत 31 अगस्त को रखा जाएगा। इसे बड़ी तीज, सातुड़ी तीज और कजली तीज के नाम से भी जाना जाता है। महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु की कामना के लिए इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करेंगी।
हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 30 अगस्त की रात नौ बजकर 36 मिनट से शुरू हुई। 31 अगस्त की रात 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कजरी तीज का व्रत और पूजन 31 अगस्त सोमवार को किया जाएगा।
शिव-पार्वती के साथ गणेशजी की होगी आराधना
कजरी तीज पर महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा और व्रत करने से सुख, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। पूजा के दौरान भगवान शिव, माता पार्वती और गणेशजी का पूजन किया जाता है।
हेरब संकष्टी चतुर्थी भी
इस बार कजरी तीज के दिन हेरंब संकष्टी चतुर्थी भी पड़ रही है। ऐसे में श्रद्धालु भगवान गणेश की आराधना भी करेंगे। घरों और मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान होंगे। महिलाएं व्रत रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना करेंगी







