धर्म डेस्क। हिंदुओं का बड़ा और प्रिय त्योहार ‘गणेशोत्सव’ है। जैसे-जैसे बप्पा हर घर में आने वाले हैं, हर जगह खुशी और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। घर को सजाने से लेकर बप्पा के स्वागत के लिए 10 दिन के नैवेद्य की प्लानिंग तक, हर लेवल पर सब कुछ चल रहा है। उत्साह के इस दौर में, हमारे कपड़ों का चुनाव भी उतना ही ज़रूरी है।
त्योहारों और त्योहारों के दौरान हर कोई पारंपरिक कपड़े पहनना पसंद करता है। पुरुष कुर्ता-पायजामा पहनना पसंद करते हैं जबकि महिलाएं नौवारी या कठपदर साड़ी पहनकर बप्पा की पूजा करना पसंद करती हैं। हालांकि, कपड़े चुनते समय सिर्फ फैशन ही नहीं, बल्कि रंगों का भी ध्यान रखना ज़रूरी है। ज्योतिष के अनुसार, गणेशोत्सव के दौरान कुछ खास रंगों के कपड़े पहनना बहुत शुभ माना जाता है, जबकि कुछ खास रंगों के कपड़े पहनने से बचने की सलाह दी जाती है।
गणेशोत्सव के दौरान रंगों का महत्व और धार्मिक मान्यताएं
भारतीय संस्कृति और ज्योतिष में रंगों का बहुत महत्व है। हर रंग किसी न किसी चीज़ का प्रतीक होता है और इसका सीधा असर हमारे मन और आस-पास की एनर्जी पर पड़ता है। बप्पा की पूजा करते समय घर में पॉजिटिव एनर्जी बनाने के लिए कुछ खास रंगों के कपड़े पहनना फायदेमंद होता है। माना जाता है कि सही रंग चुनने से मन को शांति मिलती है और पूजा का मज़ा दोगुना हो जाता है।
दूसरी ओर, कुछ रंग नेगेटिव एनर्जी को खींचते हैं या पूजा के पवित्र माहौल में रुकावट डाल सकते हैं। इसलिए बप्पा की सेवा करते समय कपड़ों के रंगों का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। इससे न सिर्फ ज्योतिषीय फायदे मिलते हैं, बल्कि त्योहार की पवित्रता बनाए रखने में भी मदद मिलती है। तो आइए जानते हैं कि गणेशोत्सव के दौरान किन रंगों के कपड़े पहनने से बचना चाहिए और किन रंगों का चुनाव करना चाहिए।
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त्योहार के दौरान गलती से भी न पहनें ‘यह’ रंग
ज्योतिष के अनुसार, गणेशोत्सव के पवित्र दस दिनों में कुछ खास रंगों के कपड़े पहनना पूरी तरह से वर्जित माना जाता है। इनमें पहला है काला। काला रंग राहु, केतु और शनि ग्रहों के नेगेटिव असर से जुड़ा है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम या भगवान की पूजा के दौरान काले कपड़े पहनना अशुभ माना जाता है। इसलिए, बप्पा की आरती या पूजा के लिए बैठते समय काले कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
काले रंग के अलावा, इस दौरान बहुत गहरे ग्रे और गहरे नीले रंग के कपड़े भी नहीं पहनने चाहिए। ये रंग बोरियत और निराशा का प्रतीक माने जाते हैं। त्योहार और त्यौहार खुशी और उत्साह का ज़रिया होते हैं। ऐसे समय में ये गहरे और उदास रंग मन के उत्साह को कम कर सकते हैं। इसलिए, बप्पा की पूजा करते समय या दर्शन के लिए जाते समय इन रंगों से दूर रहना ही बेहतर है।
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बप्पा की पूजा के लिए ‘ये’ शुभ रंग चुनें
गणपति बप्पा को विघ्नहर्ता और खुशियों का रचयिता कहा जाता है। बप्पा को कुछ खास रंग बहुत पसंद हैं, जिनके इस्तेमाल से घर में सुख-समृद्धि आती है। ज्योतिष में पीले रंग को ज्ञान, समृद्धि और बृहस्पति देव का प्रतीक माना जाता है। पीला रंग पहनने से मन में पवित्र विचार आते हैं और घर में पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है। कई भक्त खास तौर पर बप्पा की बरसी के दिन पीले कपड़े पहनना पसंद करते हैं।
लाल और केसरिया रंग एनर्जी और उत्साह का प्रतीक हैं। बप्पा को लाल चमेली के फूल और लाल चंदन बहुत पसंद हैं। इसलिए, भक्तों का मानना है कि गणेशोत्सव के दौरान लाल या केसरिया रंग के कपड़े पहनने से बप्पा का आशीर्वाद जल्दी मिलता है। यह रंग कुंडली में मंगल को भी अच्छा रखने में मदद करता है और शरीर में जान डालता है।








