भिंड समाचार: श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर विल्वपत्र, धतूरा सहित पूजन सामग्री अर्पित की। शहर के प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंद…और पढ़ें
Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 04:37:25 PM (IST)Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 04:38:29 PM (IST)
HighLights
- वनखंडेश्वर मंदिर में सुबह 4 बजे से उमड़े श्रद्धालु
- मंदिर मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
- पुलिस बल रहा तैनात
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को शहर और जिलेभर के शिवालयों में सुबह से ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर विल्वपत्र, धतूरा सहित पूजन सामग्री अर्पित की। शहर के प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में सुबह 4 बजे से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, सोमवार को लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
सुबह से मंदिरों में लगी कतारें
वनखंडेश्वर मंदिर में महिलाओं, युवतियों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। सावन के अंतिम सोमवार को विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा, और कई स्थानों पर भजन-कीर्तन भी हुए। शहर के इटावा रोड स्थित कुंडेश्वर महादेव मंदिर, छोलेश्वर महादेव, 17वीं बटालियन स्थित शिव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। अंचल में फूफ के बोरेश्वर महादेव मंदिर, मेहगांव के वनखंडेश्वर महादेव मंदिर और रावतपुरा धाम में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।
भोले नाथ के दर्शन करने आया श्रद्धालुओं का जत्था। नईदुनिया
कुंडेश्वर मंदिर में असंख्य पार्थिव शिवलिंगों का अभिषेक
इटावा रोड स्थित कुंडेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर रुद्राभिषेक किया। मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं को पूजन सामग्री उपलब्ध कराई गई। पूजा-अर्चना और अभिषेक के बाद महाआरती हुई। इसके बाद पार्थिव शिवलिंगों को क्वारी नदी में विसर्जन के लिए ले जाया गया।
वनखंडेश्वर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकी
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने वनखंडेश्वर मंदिर जाने वाले मार्ग को वाहनों के लिए प्रतिबंधित रखा। इसका उद्देश्य मंदिर क्षेत्र में जाम की स्थिति से बचना और श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन उपलब्ध कराना था। मंदिरों के आसपास पुलिस बल भी तैनात रहा। एएसपी प्रदीप पटेल के निर्देश पर सिटी कोतवाली, देहात थाना सहित अन्य थानों का पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया। सीएसपी निरंजन सिंह राजपूत, टीआई मुकेश शाक्य और यातायात प्रभारी राघवेंद्र भार्गव ने शहर के प्रमुख मार्गों और मंदिर क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण किया।
विल्वपत्र अर्पित करने का विशेष महत्व
पंडित कुलदीप शास्त्री के अनुसार, सावन के सोमवार को भगवान शिव की आराधना, व्रत और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि भगवान शिव को विल्वपत्र अर्पित करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिरों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।








