By Jogendra Sen
Publish Date: Mon, 18 Aug 2025 08:34:54 PM (IST)
Updated Date: Mon, 18 Aug 2025 08:35:16 PM (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। वरुणावतार भगवान झूलेलाल के चालीहा पर्व के अंतिम नौ दिन के नौरेजा की शुरुआत जन्माष्टमी से शुरू हो गई है। भगवान झूलेलाल को अपना आराध्य मानने वाला सिंधी समाज भक्तिभाव के साथ आराधना में लीन है। माधवगंज व दानाओली में स्थित भगवान झूलेलाल के मंदिरों में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
चालीहा पर्व का समापन 25 अगस्त को भगवान झूलेलाल के चल समारोह के साथ होगा। दोनों मंदिरों पर आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है। झूलेलाल मंदिर में भारत के विभाजन के समय लाई गई पवित्र ज्योति आज भी प्रज्वलित है।
चालीहा पर्व के तहत माधवगंज स्थित झूलेलाल मंदिर में सोमवार की रात को वीरभाटा वाले लाल साईं की संध्या हुई। प्रसिद्ध गायक भगवान झूलेलाल की जीवन चरित के साथ लाल साईं के भजन की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और नृत्य किया। आज निकलेगी बाइक रैली माधवगंज स्थित भगवान झूलेलाल मंदिर से युवाओं की बाइक रैली 19 अगस्त मंगलवार को निकलेगी। जो कि नगर का भ्रमण कर मंदिर आकर समाप्त हो जाती है। 20 अगस्त को वीरवाल दास की भजन संध्या का आयोजन किया गया है।
मटकी मेला झूलेलाल महोत्सव के तहत 21 मटकी मेला का आयोजन किया जाएगा और इसमें महिलाएं स्काउट कार्यालय से समाज की महिलाएं सिर पर मटकी रखकर मंदिर तक आएंगी। 22 अगस्त को भगवान झूलेलाल को 56 भोग लगाए जाएंगे।