धर्म डेस्क। शकुन शास्त्र ज्योतिष की वह विद्या है, जो दैनिक जीवन की घटनाओं के आधार पर भविष्य की घटनाओं के संकेत देती है। शकुन शास्त्र के अनुसार, शरीर के विभिन्न अंगों पर छिपकली के गिरने के शुभ-अशुभ संकेत बताए गए हैं, जो भविष्य की घटनाओं का भी संकेत देते हैं।
शरीर के विभिन्न अंगों पर छिपकली का गिरने का अलग-अलग अर्थ हो सकता है। यह संकेत शुभ और अशुभ दोनों तरीके से देखा जाता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि आपके शरीर के कौन-से हिस्से पर छिपकली गिरी है। चलिए जानते हैं कि इस विषय में शकुन शास्त्र क्या कहता है?
शुभ हैं ये संकेत
अगर आपके माथे पर छिपकली गिरती है, तो यह धन और संपत्ति का संकेत हो सकता है। छिपकली का गर्दन पर गिरना मान-सम्मान में वृद्धि का संकेत माना गया है। शकुन शास्त्र के मुताबिक छिपकली का दाहिने कंधे पर गिरना विजय प्राप्ति का संकेत माना गया है।
अगर आपके दाहिने हाथ पर छिपकली गिरती है, तो यह धन लाभ का संकेत माना जाता है। गाल, पेट और बाएं कान पर भी छिपकली का गिरना एक शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। दाएं पैर पर छिपकली गिरना आपके लिए यात्रा पर जाने का संकेत हो सकता है।
इन संकेतों को माना जाता है अशुभ
अगर छिपकली बाएं कंधे पर गिरती है, तो शकुन शास्त्र में इसे एक अशुभ संकेत माना गया है, जो नए शत्रु बनने की आशंका से जोड़कर देखा जाता है। वहीं अगर छिपकली आपके सिर पर गिरती है, तो यह भी एक अशुभ संकेत के तौर पर देखा जाता है, जो विवाद या बीमारी का संकेत हो सकता है।
पुरुष और महिला के लिए अलग संकेत
शकुन शास्त्र में बताया गया है कि शरीर पर छिपकली के गिरने के स्त्री और पुरुषों के लिए अलग-अलग संकेत हो सकते हैं। पुरुषों के लिए शरीर के दाहिने हिस्से और महिलाओं के बाएं हिस्से पर छिपकली का गिरना शुभ माना गया है। वहीं इसके विपरीत यदि पुरुषों के बाएं और महिला के दाएं हिस्से पर छिपकली गिरती है, तो इसके प्रतिकूल प्रभाव मिल सकते हैं।
छिपकली के गिरने के बाद क्या करें?
छिपकली एक जहरीला जीव है, इसलिए इसके गिरने पर तुरंत स्नान करना चाहिए और भगवान का स्मरण करना चाहिए। इसके साथ ही अपशकुन से बचने के लिए आप इस मंत्र का 21 या 108 बार जप करें- ‘ॐ नमः शांते प्रशांते ॐ, हीं हीं सर्व क्रोध प्रशमनी स्वाहा।’
अस्वीकरण – इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। नईदुनिया इन दावों की पुष्टि नहीं करता और न ही अंधविश्वास का समर्थन करता है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।







