धर्म डेस्क। साल 2026 हनुमान भक्तों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ महीने में एक अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो करीब 16 साल बाद देखने को मिल रहा है। इस साल ज्येष्ठ के महीने में पूरे 8 ‘बड़े मंगल’ पड़ रहे हैं, जो आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद शक्तिशाली माने जा रहे हैं।
क्यों खास है 8 बड़े मंगल का यह दुर्लभ संयोग?
आमतौर पर ज्येष्ठ मास में बड़े मंगल की संख्या 3 या 4 होती है, लेकिन साल 2026 में अधिकमास जुड़ने के कारण ज्येष्ठ का महीना विस्तारित हो रहा है। इस वजह से मंगलवारों की संख्या बढ़कर 8 तक पहुँच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा अद्भुत संयोग बहुत कम वर्षों में बनता है। यदि इस बार यह अवसर हाथ से निकल गया, तो अगला ऐसा महायोग सीधे साल 2045 में बनेगा, यानी भक्तों को करीब दो दशकों का लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
क्या होते हैं ‘बड़े मंगल’?
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास के हर मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ कहा जाता है। यह दिन पूरी तरह भगवान हनुमान को समर्पित होता है। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, सुंदरकांड का पाठ करते हैं और जगह-जगह भंडारे आयोजित करते हैं। मान्यता है कि बड़े मंगल की भक्ति जीवन के हर बड़े संकट को टालने की शक्ति रखती है।
पूजा और साधना से मिलेंगे ये लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल के दिन की गई पूजा सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी होती है। 8 बड़े मंगल के इस चक्र में साधना करने से निम्नलिखित लाभ मिल सकते हैं।
जीवन की बड़ी बाधाएं और शत्रु बाधाएं दूर होती हैं।
दरिद्रता दूर होती है और आय के स्रोत बढ़ते हैं।
साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि के साथ मानसिक तनाव कम होता है।
महायोग के दौरान क्या करें भक्त?
इस विशेष अवधि का लाभ उठाने के लिए भक्तों को कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए।
सुबह जल्दी स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और हनुमान जी के सम्मुख व्रत का संकल्प लें।
हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत शुभ होता है।
बजरंगबली को बूंदी, चना और गुड़ का भोग लगाएं।
जरूरतमंदों को भोजन कराएं और शीतल जल की व्यवस्था करें।
आस्था का महाकुंभ
यह समय केवल व्रत का नहीं, बल्कि अपनी आस्था को अटूट बनाने का अवसर है। ज्योतिष और धर्म के जानकारों के अनुसार, 8 बड़े मंगल का यह ‘पावरफुल’ दौर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नई दिशा लाने में सहायक सिद्ध होगा।
नोट – यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते। किसी भी विशेष अनुष्ठान के लिए विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।







